जांजगीर। मितानिनें छत्तीसगढ़ का गौरव हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस साल वैश्विक स्तर पर उनके योगदान को सराहा है। प्रदेश में हर साल 23 नवम्बर का दिन मितानिन सम्मान दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
इस अवसर पर चांपा के हृदय स्थल हनुमानधारा में वनभोज के साथ मितानीन बहनों का पुष्प गुच्छ व श्रीफल देकर सम्मान किया गया, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष एवं पार्षद राजेश अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि डॉ. शरद बिरथरे, डॉ. सौरभ बिरथरे, श्रीमती सविता गोस्वामी, श्रीमती संगीता पांडेय थे, कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्षद अंजली देवांगन व पार्षद गीता केशव सोनी ने की।
इस मौके पर राजेश अग्रवाल ने कहा कि कहा छत्तीसगढ़ प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अब तक जितनी भी उपलब्धियां रही हैं, उनके पीछे महत्वपूर्ण श्रेय मितानिन कार्यक्रम को जाता है। मितानिनों के निस्वार्थ सेवा और मेहनत के फलस्वरूप ही मितानिन कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण का देश में सबसे शानदार उदाहरण है। मितानिनों का कार्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा दिलाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। उनके द्वारा बच्चों को टीका लगने से लेकर, गर्भवती महिलाओं की देखरेख करना, अस्पताल ले जाना, जच्चा-बच्चा को स्वस्थ रखने के लिए पोषण आहार संबंधी जानकारी देने का काम जिम्मेदारी से किया जाता है । कविता देवांगन सहित सभी मितानिन उपस्थित थी ।