सवालिया लहजे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूछा कि आखिर एक जिले में तीन चरणों में क्यों चुनाव करवाए जा रह हैं. उन्होंने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में खेल खेला जाएगा. राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी के कहने पर चुनाव आयोग ने ऐसा किया. उन्होंने कहा कि बंगाल पर बंगाली ही राज करेगा किसी बाहरी को घुसने नहीं दिया जाएगा.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आठ चरणों में चुनाव कराने पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा है कि जनता जवाब देगी. बंगाल पर बंगाली ही राज करेंगे. बीजेपी के हिसाब से तारीखों का एलान किया गया है.

सुनील अरोड़ा ने बताया कि पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होंगे. पहले चरण के लिए 27 मार्च को वोटिंग होगी. फिर एक अप्रैल, 6 अप्रैल, 10 अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होंगे.

सुनील अरोड़ा ने बताया कि पुदुचेरी, केरल और तमिलनाडू में चुनाव एक ही चरण में होंगे. तीनों राज्यों में 6 अप्रैल को वोटिंग होगी और चुनावी नतीजे 2 मई को आएंगे.

सुनील अरोड़ा ने बताया कि असम विधानसभा चुनाव 3 चरणों में होंगे. पहले चरण का मतदान. 27 मार्च, दूसरे चरण का मतदान 1 अप्रैल और तीसरे चरण का मतदान 6 अप्रैल को होगा. मतगणना 2 मई को होगी.

केरल में 6 अप्रैल को सभी सीटों पर वोटिंग होगी. असम में तीन चरणों में चुनाव होंगे. 27 मार्च से शुरु होंगे चुनाव, 2 मई को पांचों राज्यों के आएंगे नतीजे

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि सभी राज्यों के लिए स्पेशल पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं. उन्होंने बताया कि त्योहार के दिन मतदान नहीं होगा. इस दौरान उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी कि वो अपने कार्यकाल में आखिरी बार चुनावी तारीखों का एलान कर रहे हैं. सुनील अरोड़ा करीब 45 मिनट से चुनावी गतिविधियों को लेकर जानकारी दे रहे हैं.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के मुताबिक असम में 2016 विधानसभा चुनाव में 24,890 चुनाव केंद्र थे, इस बार 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 33,530 होगी. तमिलनाडु में 2016 विधानसभा चुनाव में 66,007 चुनाव केंद्र थे, इस बार 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 88,936 होगी.

सुनील अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी है कि केरल में पहले 21,498 चुनाव केंद्र थे, अब वहां चुनाव केंद्रों की संख्या 40,771 होगी. पश्चिम बंगाल में 2016 में 77,413 चुनाव केंद्र थे अब 1,01,916 चुनाव केंद्र होंगे.

केरल में 6 अप्रैल को सभी सीटों पर वोटिंग होगी. असम में तीन चरणों में चुनाव होंगे. 27 मार्च से शुरु होंगे चुनाव, 2 मई को पांचों राज्यों के आएंगे नतीजे

नई दिल्ली: चुनाव आयोग शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान कर सकता है. पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में इस बार चुनाव होने हैं. इन राज्यों में चुनाव के मद्देनज़र चुनाव आयोग की टीमों ने हाल ही में दौरा भी किया है. अब संभावना है कि आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग इन प्रदेशों में होने जा रहे चुनावों की तारीखों का एलान कर देगा.

पश्चिम बंगाल

इस राज्य में विधानसभा की 294 सीटें हैं. वर्तमान में यहां तृणमूल कांग्रेस की सरकार है और ममता बनर्जी मुख्यमंत्री हैं. पिछले चुनाव में ममता की टीएमसी ने सबसे ज्यादा 211 सीटें, कांग्रेस ने 44, लेफ्ट ने 26 और बीजेपी ने मात्र तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी. जबकि अन्य ने दस सीटों पर जीत हासिल की थी. यहां बहुमत के लिए 148 सीटें चाहिए.

असम

इस राज्य में विधानसभा की 126 सीटें हैं. वर्तमान में यहां एनडीए की सरकार है और सर्वानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री हैं. पिछले चुनाव में बीजेपी 89 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और उसने 60 सीटें जीती थीं. वहीं असम गण परिषद ने 30 सीटों पर चुनाव लड़कर 14 सीटें और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट ने 13 सीटों पर चुनाव लड़कर 12 जीती थीं. इस चुनाव में कांग्रेस ने 122 सीटों पर चुनाव लड़ा था और सिर्फ 26 सीटों पर कब्जा किया था. यहां बहुमत के लिए 64 सीटें चाहिए.

तमिलनाडु

इस राज्य में विधानसभा की 234 सीटें हैं. वर्तमान में यहां ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) की सरकार है और इ पलानीस्वामी मुख्यमंत्री हैं. पिछले चुनाव में AIADMK ने 136 और मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके ने 89 सीटें जीती थीं. यहां बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए.

पुदुचेरी

केंद्र शासित राज्य पुदुचेरी में विधानसभा की कुल 30 सीटें हैं. वर्तमान में यहां राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है. कुछ दिन पहले ही यहां कांग्रेस-डीएमके गठबंधन की सरकार गिर गई थी. पिछले चुनाव में कांग्रेस ने 21 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 15 सीटें जीती थीं. वहीं, ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस ने 30 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ आठ सीटें जीती थीं. अन्य के खातों में सात सीटें गई. यहां बहुमत के लिए 16 सीटें चाहिए.

केरल

इस राज्य में विधानसभा की 140 सीटें हैं. वर्तमान में यहां सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) की सरकार है और पिनाराई विजयन मुख्यमंत्री हैं. पिछले चुनाव में एलडीएफ को 91 और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को 47 सीटें मिली थीं. यहां बहुमत के लिए 71 सीटें चाहिए.

कब खत्म हो रहा है किस राज्य में विधानसभा का कार्यकाल?
बंगाल विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 30 मई 2021 को. तमिलनाडु विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 31 मई 2021 को, केरल विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल एक जून 2021 को, पुदुचेरी विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 8 जून को और असम विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 31 मई को खत्म हो रहा है.