जांजगीर-चाम्पा। शनिवार को हुई नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के बाद जिले के ग्राम पिहरीद का जवान दीपक भारद्वाज लापता हो गया। बाद में उनके शहीद होने की खबर आई। उनके लापता होने की सूचना मिलने पर उनके पिता राधेलाल भारद्वाज, मां परमेश्वरी भारद्वाज बीजापुर के लिए रवाना हो गए हैं। गांव में शोक का माहौल है।
बीजापुर जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र के जीवनागुड़ा इलाके में जंगल और पहाड़ों के बीच डीआरजी और सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के जवानों की एक टुकड़ी पर नक्सलियों ने एंबुश लगाकर शनिवार की शाम को हमला कर दिया है। इस टुकड़ी में जिले के मालखरौदा क्षेत्र के ग्राम पिहरीद निवासी एसआई दीपक भारद्वाज पिता राधेलाल भारद्वाज भी थे। हमले में 5 जवान शहीद हुए व अन्य लापता हो गए। लापता जवानों में दीपक भारद्वाज भी थे। उनके शहीद होने की जानकारी परिजनों को लगी तो वे बीजापुर रवाना हुए।
दीपक पढऩे में होशियार थे। उन्होंने कक्षा छठवीं से बारहवीं तक की पढ़ाई नवोदय विद्यालय मल्हार से पूरी की थी। उनके साथ पढ़े राहुल भारद्वाज ने बताया कि दीपक पढ़ाई में होशियार तो थे ही। उनका फोकस खेल व सिंगिंग में भी था। वे बास्केटबॉल के अच्छे खिलाड़ी थे। उन्होंने स्कूल स्तर पर नेशनल लेबल की प्रतियोगिता खेली थी। वे अच्छे सिंगर भी थे।
दीपक भारद्वाज सीआरपीएफ में 2013 में शामिल हुए थे। वे सब इंस्पेक्टर के पद पर चयनित हुए थे। वे बीजापुर में डीआरजी बटालियन में थे। दो साल पहले ही वर्ष 2019 में उनकी शादी प्रांतिका से हुई थी।
अलग अलग तरह के आते रहे संदेश
सुबह तो दीपक के शहीद होने की खबर वायरल हुई। इसके बाद जिले के बड़े नेताओं सहित अन्य लोगों ने दीपक को शहीद मानते हुए श्रद्धांजलि भी दे डाली। दोपहर बाद फिर यह खबर सुर्खियों में रही कि वे स्वस्थ हैं। उनके पैर में गोली लगी थी।
आज होगा अंतिम संस्कार
रविवार की दोपहर तक शहीद जवान दीपक भारद्वाज की डेड बॉडी नहीं मिलने की सूचना बीजापुर से जांजगीर पुलिस को दी गई थी। एएसपी संजय महादेवा ने बताया कि दोपहर तक ग्राउंड जीरो पर सर्चिंग पार्टी थी। तलाश की जा रही थी। विभाग द्वारा जारी की गई सूची में शहीदों में दीपक भारद्वाज का नाम शामिल था। शाम तक शहीद का पार्थिव देह गांव नहीं आ पाई थी। सोमवार को अंतिम संस्कार हो सकता है।