जांजगीर-चाम्पा। जनपद पंचायत पामगढ़ की मनरेगा शाखा में तकनीकी सहायक राजेंद्र सूर्यवंशी की मौत के बाद उसकी तीन माह की तनख्वाह अपने खाते में ट्रांसफर करने व खुद को मिस्त्री बताकर मनरेगा की राशि खाते में ट्रांसफर करने वाले जनपद के ही बाबू सहायक ग्रेड तीन सतीश सिन्हा को कलेक्टर की अनुशंसा के बाद जिला पंचायत सीईओ ने बर्खास्त कर दिया है।
जनपद पंचायत पामगढ़ में पदस्थ राजेंद्र सूर्यवंशी की मौत जुलाई 20 में हो जाने के बाद संविदा कर्मचारी सहायक ग्रेड 3 सतीश कुमार सिन्हा ने मृत टीए के एकाउंट की जगह अपना एकाउंट नंबर डालकर मृत टीए राजेंद्र सूर्यवंशी के नाम से राशि 71 हजार 940 रुपए अपने एकाउंट में ट्रांसफर कर ली। इसके अलावा उसी बाबू ने मिस्त्री के नामपर भी अपने एकाउंट में फंड ट्रांसफर किया है। इसके लिए उसने अधिकारियों के डिजीटल सिग्नेचर का उपयोग किया। इसके बाद प्रकरण की जांच शुरू हुई। जांच में यह प्रमाणित हुआ कि सहायक ग्रेड 3 संविदा सतीश सिन्हा द्वारा घोटाला किया गया है। इसके बाद सीईओ जिला पंचायत गजेंद्र सिंह ठाकुर ने सतीश सिन्हा को बर्खास्त कर दिया है। सतीश सिन्हा ने ग्राम पंचायत बुंदेला के दौलत राम, राजबीर, संदीप और संतोष नाम के मिस्त्री का रजिस्ट्रेशन ग्राम पंचायत धनगांव में कर दिया। यहां छह दिनों के काम का पेमेंट दौलत राम, राजवीर और संदीप के नाम पर तो उनके एकाउंट में हुआ है, लेकिन मनरेगा पोर्टल में ऑनलाइन दर्ज जानकारी के अनुसार संतोष की जगह पर फिर सतीश सिन्हा के एकाउंट का उल्लेख है। 6 दिनों का 84 सौ रुपए ट्रांसफर कर दिया गया है।