युवा साहित्य रत्न से सम्मानित हुए कवि हीरामणी वैष्णव

कोरबा । मशहूर शायर बशीर बद्र का एक शेर है कि जिस दिन से चला हूं मेरी मंजि़ल पे नजऱ है, आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा और इसी शेर को सच साबित करते हुए कोरबा ही नहीं वरन प्रदेश के युवा होनहार कवि हीरामणी वैष्णव इस वर्ष नेताजी आनंद सिंघानिया स्मृति युवा साहित्य रत्न के खिताब से नवाजे गए. अपनी कला, संस्कृति, साहित्य और संगीत के अनूठे आयोजनों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध श्री साईंनाथ फाउंडेशन के बैनर तले फाउंडेशन के इस वर्ष होटल ग्रैंड नीलम, रायपुर में आयोजित रंग संगीत-संस्करण 3में श्री वैष्णव को इस सम्मान से सम्मानित किया गया. श्री साईं नाथ फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध गज़़लकार व लेखक आशीष राज सिंघानिया द्वारा उनके पिता जी स्मृति में प्रतिवर्ष दिया जाने वाला यह सम्मान इससे पूर्व 2020 में दुर्ग के युवा ओजस्वी कवि मयंक शर्मा, 2021 में रायपुर के प्रसिद्ध उपन्यासकार एएसपी अभिषेक सिंह, 2022 में जशपुर की युवा लेखिका अंकिता जैन, 2023 में मुंगेली से ओज के सुप्रसिद्ध कवि देवेंद्र परिहार को दिया जा चुका है.इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. संजय अलंग तथा अध्यक्षता वरिष्ठ व्यंग्यकार गिरीश पंकज ने की. जबकि अतिविशिष्ट अतिथि की भूमिका में योगेश अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि की भूमिका में तीरंदाज न्यूज़ के संस्थापक मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ साहित्यकार व भाषाविद नर्मदा प्रसाद मिश्र नर्म रहे. इस अवसर पर श्री पंकज को भी सरस्वती बुक्स द्वारा सरस्वती साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया।

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