पिछले दिनों वापसी के बाद किया था क्वारंटाइन, सभी को भेजा जायेगा कोविड हॉस्पिटल
कोरबा। छत्तीसगढ़ में सबसे पहले कोरोना के रेड जोन बने कोरबा जिले में २८ कोरोना पॉजिटिव केस मिले थे। इनमेंं से १ को छोड़ शेष सभी कटघोरा के थे। जहां एक १६वर्षीय जमाती के मिलने के बाद कोरोना का विस्तार हुआ। संबंधित मरीजो को ठीक करने के बाद स्थिति सामान्य हुई। लेकिन इसके साथ ही कोरोना बम फूट गया। १४ अप्रैल को विशेष टे्रन से लौटने वालों में शामिल कुदूरमाल के १२ लोगों में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई है। राहत की बात यह भी है कि ये लोग वहां के क्वांरटाइन सेंटर में रखे गये थे। इन्हें कोविड हॉस्पिटल भेजने की तैयारी की जा रही है।
ऐसा सोचना सही नहीं था कि कोरबा जिले में कोरोना महामारी समाप्त हो गई और इस बारे में सभी को निश्चिंत हो जाना चाहिए। यहां २ अप्रैल को कोरबा के रामसागरपारा में कोरोना का पहला मरीज मिला था। उसे एम्स भेजा गया। इसके बाद ही कोरोना पीडि़तों की बाढ़ आ गई। इन कारणों से कोरबा रेड जोन में शामिल हो गया। हालात पटरी पर लौटे तो लापरवाही का दौर शुरू हो गया। रियायत भरे लाकडाउन के चौथे चरण में फिर परेशानियां है। विभिन्न क्षेत्रों से लौट रहे मजदूरों को सीधे उनके गांव भेजने के बजाय आसपास के स्कूलों में १४ दिन के लिए क्वारंटाइन किया गया है। इन सभी स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ इनके नमूने जांच के लिए एम्स रायपुर भेजे गये थे। जहां से रिपोर्ट सार्वजनिक किये गये। ऐसे ही १३ पॉजिटिव केस कुदूरमाल में मिले। एम्स रायपुर ने इस बारे में पुष्टि की। इसके साथ ही यहां हल-चल बढ़ गई। जबकि प्रदेश में कोरोना के प्रकरणों का ग्राफ बढक़र ८९ पहुंच गया है। इधर कोरबा जिले में हरकत में आये प्रशासन ने अगली तैयारियां तेज कर दी है। जानकारी मिलने के साथ प्रशासन और पुलिस के अधिकारी जिला मुख्यालय से १५ किमी दूर स्थित कुदूरमाल पहुंचे। वहां के क्वारंटाइन सेंटर का जायजा लिया गया, जहां मजदूरों को रखा गया है। इस बात की अधिकृत पुष्टि होना बाकी है कि मजदूर किस राज्य में काम कर रहे थे और उनकी वापसी वर्तमान में कहां से हूई है। इस बारे में कई तरह की जानकारी मिल रही है।
कुदूरमाल गांव में पूर्वान्ह काफी संख्या में वाहनों और एम्बुलेंस की आमद के साथ यहां के लोगों के लिए कोतूहल जैसा वातावरण रहा। जब से यहां के सरकारी स्कूल क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया था, तभी से उसके आसपास सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये। आम लोगों की आमद को ब्रेक किया गया।
इनके २६ साथी गोपालपुर में, रिपोर्ट आना बाकी
विशेष बात यह है कि कुदूरमाल में जो १२ लोग कोराना पॉजिटीव पाये गये है, वे बड़े समूह में कोरबा जिले में लौटे। उनके साथ २६ और लोग आये है। उन्हें गोपालपुर के केंद्रीय विद्यालय संख्या -४ में क्वारंटाइन किया गया है। इनके नमूने लेने के साथ जांच के लिए भेजे गये है। इनकी रिपोर्ट आना बाकी है। इससे पहले ही कुदूरमाल की रिपोर्ट के सामने आने से सरगर्मी तेज हो गई है। संबंधित श्रमिकों के साथ-साथ उनके परिजन भी डरे हुए है।
बालको क्षेत्र में भी दहशत
खबर के अनुसार जांजगीर-चांपा और बिलासपुर में दो लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसकी पुष्टि एम्स की ओर से की गई है। जानकारी मिली है कि ये दोनों लोग एक सप्ताह से भी अधिक समय तक बालकोनगर क्षेत्र के संगम नगर, बेलाकछार में उपस्थित रहे और कई लोगों के संपर्क में रहे। हाल में ही ये अपने क्षेत्र लौटे थे जिसके बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूचना के बाद बालको क्षेत्र के लोग दहशत में हैं।