लखनऊ,। उत्तर प्रदेश सरकार कोविड-19 की जंग में अब कोरोना के वैक्सीनेशन की ओर पहला कदम बढ़ाने जा रही है। दूसरी ओर लॉकडाउन से लेकर अन्य मौकों पर चुनौतियों का सामना करनी वाली यूपी पुलिस ने अपनी कार्रवाई के कदम भी लगातार बढ़ाए हैं। दिल्ली की निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने के बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आकर कोरोना की जंग की चुनौती को बढ़ाने वाले तब्लीगी जमातियों के विरुद्ध पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसा है। यूपी पुलिस ने कुल 2254 तब्लीगी जमातियों को आरोपित बनाया है, जिनमेें 2238 आरोपितों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। यूपी पुलिस ने अलग-अलग जिलों में भारतीय तब्लीगी जमातियों के विरुद्ध 276 मुकदमे दर्ज किए थे। लॉकडाउन के उल्लंघन, महामारी अधिनियम व अन्य धाराओं में दर्ज किए गए इन मुकदमों के तहत पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद कानूनी कार्रवाई के कदम भी तेजी से बढ़ाए हैं। इसके गवाह खुद पुलिस के आंकड़े हैं। सूबे में भारतीय तब्लीगी जमातियों के विरुद्ध दर्ज 276 मुकदमों में से 271 मुकदमों में आरोपितों के विरुद्ध आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। जमानत पर बाहर आ चुके हैं 1644 आरोपित यूपी पुलिस ने कुल 2254 तब्लीगी जमातियों को आरोपित बनाया है, जिनमेें 2238 आरोपितों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
पुलिस ने विवेचना के दौरान कुल 1648 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। कोर्ट से 1644 आरोपित जमानत हासिल कर चुके हैं, जबकि एक आरोपित की मृत्यु हो चुकी है। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार कहना है कि इन सभी मुकदमों में पुलिस ने पूरी तत्परता से अपनी कार्रवाई पूरी की है। अब एक भी आरोपित की गिरफ्तारी शेष नहीं है। सभी मामलों में कोर्ट में प्रभावी पैरवी के कड़े निर्देश दिए गए हैं।