
कोरबा। प्रदेश में सरकार बनने के बाद अधिकांश में नगरीय निकाय में महापौर/अध्यक्ष पद बैठे कांग्रेस नेताओं को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए गिराने का प्रयास शुरू हो गया है। इसके तहत नगर पालिका कटघोरा में लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया और कांग्रेस समर्थित रतन मित्तल ने नपा अध्यक्ष की कुर्सी बचा ली।
कटघोरा नगर पालिका में बीजेपी का अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने से जहां कांग्रेसियों में खुशी का माहौल है तो बीजेपी पार्षदों में निराशा है। नपा अध्यक्ष पद सुरक्षित रहने से कांग्रेस पार्षदों ने पटाखे फोड़े और मिठाई बांटकर जीत की खुशी मनाई। अविश्वास प्रस्ताव के बाद निर्वाचित अध्यक्ष रतन मित्तल ने अपनी जीत को जनता की जीत बताई। हालांकि अंदरखाने चर्चा है कि क्रास वोटिंग के जरिए नगर पालिका अध्यक्ष रतन मित्तल ने अपनी कुर्सी बचाई है। वजह चाहे जो भी हो लेकिन जिले में एक निकाय में अविश्वास प्रस्ताव गिरने से अन्य निकायों में असर पड़ सकता है।






























