रांची/झारखंड के नए राज्यपाल रमेश बैस को झारखंड हाईकाेर्ट के चीफ जस्टिस रवि रंजन ने बुधवार को राजभवन के बिरसा मंडप में पद और गाेपनीयता की शपथ दिलवाई। छत्तीसगढ़ के रायपुर से सात बार सांसद रहे रमेश बैस झारखंड के 10वें राज्यपाल हैं। रमेश बैस मंगलवार काे रांची पहुंच गए थे।
2 अगस्त 1947 को रायपुर में जन्मे रमेश बैस 1989 में पहली बार सांसद बने। तब से वे लगातार 2019 तक रायपुर का प्रतिनिधित्व करते रहे। अटल विहारी वाजपेयी की सरकार में राज्यमंत्री भी थे। वे लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक भी रहे। 70 वर्ष से अधिक उम्र हो जाने पर 2019 में भाजपा ने लोकसभा के लिए टिकट नहीं दिया था, लेकिन इनकी प्रतिबद्धता के मद्देनजर जुलाई 2019 में त्रिपुरा का राज्यपाल बनाया गया। अब इन्हें झारखंड का राज्यपाल बनाया गया है।
राज्यपाल रमेश बैस के झारखंड भाजपा के तीनों बड़े कद्दावर नेता अर्जुन मंडा, बाबूलाल मरांडी और रघुवर दास के साथ पहले से बेहतर संबंध हैं। अटल बिहारी वाजपेयी मंत्रिमंडल में जब रमेश बैस राज्यमंत्री थे तो उसी समय बाबूलाल मरांडी भी राज्यमंत्री थे। रघुवर दास मूल रूप से छत्तीसगढ़ के होने के कारण रमेश बैस से उनका पुराना संपर्क रहा है।

सूबे के सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के तीन लोग राज्यपाल बने

कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी, महाराष्ट्र, दिल्ली, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से एक-एक व्यक्ति झारखंड में गवर्नर बने हैं। सैयद सिब्ते रजी यूपी युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और तीन बार राज्यसभा सांसद रह चुके थे। एमओएच फारुख पुडुचेरी के कांग्रेसी सीएम और तीन बार सांसद रह चुके थे। के. शंकर नारायणन केरल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और चार बार विधायक रहने के अलावा मंत्री रह चुके थे। द्रौपदी मुर्मू ओडिशा में एक बार विधायक और राज्यमंत्री रह चुकी थीं। तीन राज्यपाल प्रभात कुमार, विनोद पांडे और सैयद सिब्ते रजी उत्तर प्रदेश के थे।

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