
नईदिल्ली, 02 दिसम्बर । संसद के शीतकालीन सत्र से पहले संसद पुस्तकालय भवन में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। शीतकालीन सत्र से पहले संसद पुस्तकालय भवन में सर्वदलीय बैठक चल रही है। संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से शुरू होकर 22 दिसंबर तक चलेगा। इस बैठक के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल संसद पहुंचे चुके हैं। संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक के लिए कांग्रेस सांसद जयराम रमेश और अन्य नेता भी संसद पहुंच चुके हैं। संसद के शीतकालीन सत्र से पहले जेएमएम सांसद महुआ माजी ने कहा कि गैर-भाजपा नेताओं को परेशान करने के लिए जैसे वह लोग सीबीआई और ईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं, यह देश के लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। इनमें तेलंगाना में एक केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना और जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी की विधानसभाओं में महिलाओं को कोटा देने से जुड़े बिल शामिल हैं। भारतीय दंड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता और साक्ष्य अधिनियम को रिप्लेस करने वाले प्रस्तावित कानून भी पेश किए जाएंगे। शीतकालीन सत्र में, मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) विधेयक, 2023 पर सबकी नजर रहेगी। इसमें एक पैनल के माध्यम से चुनाव आयुक्तों की नियुक्तियों का प्रावधान है जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल नहीं किया जाएगा। यह विधेयक राज्यसभा में लंबित है। मोदी सरकार के लिए अहम चुनौती तीन विधेयकों – भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयक को पारित करना होगा। इनकी जांच गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने की थी। क्या सरकार पैनल की सिफारिशों को मानेगी या उनमें से कुछ को शामिल करेगी, यह देखने वाली बात होगी। नए विधेयकों में तेलंगाना में एक केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2023 और जम्मू और कश्मीर विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत कोटा प्रदान करने के लिए जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2023 शामिल हैं।



























