रामायणकालीन प्राचीन मंदिर के प्रति बढ़ रही दिलचस्पी

कोरबा। यहां रेलवे स्टेशन रोड स्थित प्राचीन राम-जानकी मंदिर को लेकर अब छत्तीसगढ़ व आसपास के क्षेत्रों के लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है।
रामजन्म भूमि पर मंदिर निर्माण के साथ विभिन्न क्षेत्रों पर फोकस करने से यहां भी अच्छा वातावरण बना है। सीतामणी के प्राचीन राम जानकी मंदिर को लेकर कहा जा रहा है कि इसका वास्ता सातवीं सदी के आसपास का हो सकता है। ब्राम्ही लिपी के एक शिलालेख को अध्ययन के लिए आर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के नागपुर कार्यालय भेजा गया है जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। बीते वर्षों में खुदाई के दौरान मिली प्रतिमाओं और कई शैलचित्रों से कई प्रकार के निष्कर्ष निकाले गए हैं। पुरातत्व में रूचि रखने वाला वर्ग का आंकलन है कि श्रीराम गमन पथ में कोरबा भी एक रास्ता रहा है। जिसका कनेक्शन सरगुजा के सीताबेगरा से होते हुए देवपहरी अरेतरा और शिवरीनारायण की तरफ है। अब जबकि पूरे देश से श्रीराम को लेकर संबंधित चीजें जुटाई जा रही है और चर्चा हो रही है। ऐसे में रामजानकी मंदिर सीतामणी को लेकर भी एक नया विमर्श खड़ा हुआ है।

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