नईदिल्ली, १२ अगस्त [एजेंसी]।
देश में फ्री की पॉलिटिक्स पर जबरदस्त तरीके से सियासत जारी है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में एक सभा में रेवड़ी कल्चर को देश के लिए हानिकारक बताया था। उसके बाद से अरविंद केजरीवाल जबरदस्त तरीके से केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। आज एक बार फिर से उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र जिस तरह से लोगों के लिए मुफ्त योजनाओं का विरोध कर रहा है, उससे ऐसा लगता है कि उसकी वित्तीय स्थिति गंभीर है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने मित्रों का कर्ज माफ किया, धनी लोगों के पांच लाख करोड़ रुपये के कर माफ किए हैं। केजरीवाल ने कहा कि हर रोज डीजल-पेट्रोल से टैक्स पर 1,000 करोड़ रुपए की आमदनी होती है। ये सारा पैसा कहां गया। वे (केंद्र सरकार) कह रहे हैं कि जनता को जितनी भी मुफ्त की सुविधाएं मिलती है वो बंद होनी चाहिए। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में फीस ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना जब लेकर आए तो कहा गया कि इसको लाने की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि सैनिकों के पेंशन का खर्च इतना बढ़ गया कि केंद्र सरकार उसको बर्दाश्त नहीं कर पा रही। आज़ादी के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि कोई सरकार ऐसा कह रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से जिस तरह से जनता को मुफ्त में मिलने वाली सुविधाओं का विरोध किया जा रहा है कहा जा रहा है कि सारी मुफ्त की सुविधाओं को बंद किया जाए।
केजरीवाल ने सवाल किया कि क्या केंद्र सरकार की आर्थिक हालत ज्यादा खराब तो नहीं हो गई है। आप नेता ने सवाल करते हुए पूछा कि कहां गया केंद्र का सारा पैसा। वे इस सरकारी पैसे से अपने दोस्तों का कर्ज माफ कर रहे हैं। उन्होंने अपने अरबपति दोस्तों के टैक्स भी माफ कर दिए हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बहस्पतिवार को कहा कि केंद्र जिस तरह से लोगों को मुफ्त सुविधाएं दिए जाने का ‘कड़ा विरोधÓ कर रहा है, उससे लगता है कि उसकी वित्तीय स्थिति कुछ गड़बड़ है। रक्षा भर्ती योजना अग्निपथ, केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 42 फीसदी से घटाकर 29 फीसदी करने, खाद्य पदार्थों पर लगाए गए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) और मनरेगा कोष में 25 फीसदी कटौती का हवाला देते हुए केजरीवाल ने पूछा कि सारा पैसा कहां जा रहा है।
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