कोरबा। वनमंडल कोरबा के कुदमुरा रेंज में बीमार उम्रदराज मादा हाथी ठीक होने के बाद अब जंगल में विचरण कर रही है। मादा हाथी गुरुवार की रात विचरण करते हुए श्यांग पहुंच गई। आज सुबह वह यहां के जंगल में विचरण करते हुए मिली। मादा हाथी अभी भी अपने से ठोस भोजन यथा पेड़-पौधों के डंगा, पत्ती व छाल को ग्रहण नहीं कर पा रही है। जिसकी वजह से उसे भोजन में वन विभाग द्वारा रोटी-दलिया, गुड़ खिलाया जा रहा है। साथ ही दवाई के रूप में ग्लूकोज, इलेक्ट्राल, नमक, मल्टी विटामीन व कैल्शियम की दवा भी दी जा रही है। वन विभाग का अमला डीएफओ श्रीमती प्रियंका पांडेय के निर्देश पर अभी भी उसकी निगरानी में लगे हुए है। एसडीओ आशीष खेलवार तथा रेंजर संजय लकड़ा सहित अन्य अधिकारी लगातार क्षेत्र में पहुंचकर हाथी की जानकारी ले रहे हैं। सीसीएफ के निर्देश पर रमकोला से दो महावत भी श्यांग व अमलडीहा पहुंच गए हैं जो मादा हाथी की देखरेख करने के साथ हाथी मित्र दल के सदस्यों व वन विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं कि मादा हाथी को किस प्रकार से नियंत्रित करना है।
गीतकुंआरी पहुंचा दंतैल
इस बीच एक दंतैल हाथी ने कुदमुरा रेंज के ही गीतकुंआरी जंगल में दस्तक दे दी है। दंतैल हाथी यहां पहुंचते ही उत्पात पर उतारू हो गया। गुरुवार की रात अचानक पहुंचे इस दंतैल ने गांव में कई किसानों के खेत में प्रवेश कर वहां लगे धान के थरहे को रौंद दिया और किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। दंतैल के गीतकुंआरी पहुंचने व फसल रौंदे जाने की सूचना पर वन विभाग का अमला आज सुबह वहां पहुंचा और दंतैल द्वारा किये गए नुकसानी का सर्वे करने के साथ ही रिपोर्ट तैयार की। रेंजर संजय लकड़ा ने बताया कि क्षेत्र में मुनादी करा दी गई है तथा ग्रामीणों को हाथी के आगमन की जानकारी देते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है तथा जंगल की ओर ना जाने की सलाह भी दी गई है। उधर कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज में पिछले एक सप्ताह से लगातार उत्पात मचाकर वन विभाग तथा ग्रामीणों के नाकों में दम कर देने वाला टीम दंतैल हाथियों का दल कोरबी पहुंच गया है। हालांकि यह दल अभी तत्काल कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है लेकिन इसके देर-सबेर उत्पात की संभावना तथा पूर्व के अनुभवों को देखते हुए वन विभाग का अमला सतर्क हो गया है और हाथियों की निगरानी में जुट गया है। तीन दंतैल हाथियों के पहुंचते ही कोरबी के जंगल में पहले से घूम रहे 12 हाथियों के दल ने आगे का रूख कर लिया है और चोटिया डंपिंग एरिया में पहुंच गए हैं। पसान रेंज में घूम रहे 20 हाथियों के दो अन्य दल बोदराडांड व सूखाबहरा में हैं। इस दल ने दोनों गांव में उत्पात मचाते हुए आधा दर्जन किसानों की खरीफ फसल को रौंद दिया जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है। हाथियों के लगातार उत्पात से ग्रामीणों में दहशत है।