जांजगीर-चांपा। प्राकृति को हरा भरा बनाएं रखने जिला मुख्यालय का संगठन द ग्रीन वल्र्ड सोसायटी शिद्दत से जुटी है। 22 साल से यह संस्था पौधे लगाने उनकी सुरक्षा के लिए संकल्पित है इनके द्वारा जुलाई 2002 में लगभग तीन एकड़ भूमि में स्थापित स्मृति न केवल हरा भरा है बल्कि यह आक्सीजोन का भी काम कर रहा है। स्मृति वन में कोई भी व्यक्ति अपने परिजन व स्नेहीजनों की स्मृति में 5 सौ रूपए सहयोग राशि देकर पौधे लगा सकते हैं। इन पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी संस्था की है। इस तरह लोगों की स्मृति भी अक्षुण्ण रहती है और हरियाली भी लगातार बढ़ रही है।
वर्ष 1998 में जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पर्यावरणविद विजय कुमार दुबे ने द ग्रीन वल्र्ड सोसायटी का गठन किया और सोसायटी ने जुलाई 2002 में स्मृति वन की स्थापना जांजगीर में आर्या कॉलोनी के सामने की तब पहले यह भूमि बंजर थी मगर अब यहां हरियाली देखते ही बनती है इस जगह का नाम स्मृति वन इसलिए रखा गया है कि यहां कोई भी व्यक्ति अपने परिजनों की याद को जीवंत रखने के लिए पौधे लगा सकते हैं। इन पौधों की देखरेख सोसायटी द्वारा की जाती है। पौधे के पास जिनकी स्मृति में पौधे लगाए जाते हैं उनके नाम की तख्ती भी लगाई जाती है। हालांकि इसके लिए 5 सौ रूपए की सहयोग राशि ली जाती है। मगर यह राशि नगण्य है क्योंकि इतने में एक ट्री गार्ड भी नहीं खरीदा जा सकता। स्मृति वन में चारों तरप? हरियाली है यहां सैकड़ों पौधे पेड़ बन चुके हैं वहीं अब भी बड़ी संख्या में पौधों की देखरेख हो रही है। वर्तमान में समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता अभिषेक दुबे हैं। द ग्रीन वल्र्ड सोसायटी की स्थापना में गिल्लू शर्मा, रघुवीर सिंह सेंगर, दीनदयाल अग्रवाल, राजेन्द्र कुमार पाण्डेय का भी योगदान है। 24 साल पहले जिस सोसायटी की नींव विजय कुमार दुबे ने रखी है वह संस्था अब इमारत बन गई है। इस संस्था ने टीसीएल कॉलेज परिसर, पीआईएल चांपा परिसर के अलावा अन्य कई स्थानों पर बड़े संख्या में पौधे लगाए जो अब पेड़ बन चुके हैं। ग्रीन वल्र्ड सोसायटी के अध्यक्ष अभिषेक दुबे ने बताया कि समिति हर वर्ष पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करती है और लोगों को पौधे लगाने के लिए प्रेरित भी किया जाता है।