
जांजगीर । विभाग पहले से ही इस साल लक्ष्य से पीछे चल रहा है। 9 माह में विभाग 100 करोड़ के लक्ष्य का मात्र 50 फीसदी ही आय हासिल कर पाया है। जबकि 9 माह में 60 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण हो जाना था। इधर उप पंजीयक कार्यालयों में दिनभर में गिनती की जमीन रजिस्ट्री हो रही है। ऐसे में विभाग को भी चिंता सताने लगी है कि आगामी दिनों में यही हाल रहा तो शेष बचे तीन माह में 50 करोड़ का लक्ष्य किस तरह हासिल हो पाएगा। क्योंकि अब पहले की तरह मार्च माह में भी रजिस्ट्री कराने को लेकर होड़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनती। नहीं तो अकेले मार्च माह में ही लक्ष्य का 25 हासिल आय हो जाती थी। गौरतलब है कि अविभाजित जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले को मिलाकर जिला पंजीयक विभाग को वित्तीय वर्ष 2023-24 में 100 करोड़ रुपए आय का लक्ष्य मिला है। नौ माह बीत चुके हैं और अप्रैल 23 से दिसंबर 23 तक की स्थिति में जमीन की खरीदी-बिक्री से मात्र 50 करोड़ 23 लाख रुपए की आय ही विभाग को हुई है। 49 करोड़ 77 लाख रुपए की आय होने से ही लक्ष्य हासिल होगा। शेष बचे तीन माह (जनवरी, फरवरी और मार्च 24) में भी यह लक्ष्य तभी हासिल होगा जब हर माह करीब साढ़े 16 करोड़ रुपए की रजिस्ट्री से विभाग को आय होगी जो फिलहाल इस साल नजर नहीं आ रहा है। 2023 चुनावी साल भी रहा। इसका असर भी जमीन रजिस्ट्री के पिछडऩे की एक वजह बताई जा रही है पर बड़ी वजह दोनों जिले में जमीन की बढ़ती कीमतें है जिससे आम आदमी के लिए जमीन खरीदकर घर बनाना सपने जैसा हो गया है। पिछले साल के ही आंकड़ों पर नजर डाले तो इस साल जमीन खरीदी-बिक्री की स्थिति काफी खराब चल रही है। पिछले वित्तीय वर्ष अप्रैल से दिसंबर तक जिले में कुल 12 हजार 371 जमीन खरीदी-बिक्री हुई थी। इस वित्तीय वर्ष इसी अवधि में 12 हजार 107 ही रजिस्ट्री हुई है। गत वर्ष की तुलना में 264 रजिस्ट्री कम हुई। यही वजह है कि इस साल विभाग नौ माह गुजर जाने के बाद भी मात्र 50.24 प्रतिशत ही लक्ष्य हासिल कर पाया है। रजिस्ट्री कम हुई है तो आय में भी घाटा हुआ है। गत वर्ष इसी अवधि में जहां 57 करोड़ 54 लाख रुपए आय हो चुकी थी जो इस वर्ष 50 करोड़ 23 लाख रुपए ही है। इस तरह 7 करोड़ 31 लाख रुपए आय भी कम हुई है। दोनों जिले में सक्ती उप पंजीयक कार्यालय की ही स्थिति अच्छी है। यहां लक्ष्य 70 फीसदी पूर्ण हो चुका है। उप पंजीयक सरिता लाल ने बताया कि उप पंजीयक कार्यालय जांजगीर में आमतौर पर 20 से 25 रजिस्ट्री एक दिन में होती है। लेकिन वर्तमान में दिनभर में 8 से 10 के बीच ही रजिस्ट्री हो रही है। ऐसे स्थिति रही तो लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा। बता दें, दिसंबर माह में यहां 244 रजिस्ट्री हुई है जबकि पिछले साल दिसंबर माह में ही 281 रजिस्ट्री हुई थी। 100 करोड़ के लक्ष्य है जिसके विरुद्ध 50 फीसदी लक्ष्य हासिल हो चुका है। मार्च तक लक्ष्य हासिल करने पूरा प्रयास किया जा रहा है। चित्रसेन पटेल, जिला पंजीयक






















