कोरबा। छत्तीसगढ़ में हाथियों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है। अबकि बार हाथी की मौत की ताजी घटना जिले के कटघोरा डिविजन के केंदई रेंज में सामने आयी है, जहां तालाब में डूबने से एक बेबी एलीफेंट की मौत हो गई। बेबी एलीफेंट की मौत से वन महकमें में हडक़ंप मच गया है।
घटना की सूचना मिलते ही डिएफओ श्रीमती समा फारूखी, एसडीओ अरविन्द तिवारी एवं रेंजर अश्वनी चौबे घटना स्थल के रवाना हो गए हैं। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार 45 हाथियों का दल काफी दिनों से वन विभाग के कटघोरा डिविजन के पसान, केंदई एवं एतमा नगर रेंज में बारी-बारी से विचरण कर रहा है और फसलों तथा ग्रामीणों के घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। यह दल पिछले पांच दिनों तक एतमा नगर रेंज में रिंगनिया व आसपास के गांवों में उत्पात मचाने के बाद गुरूवार रात केंदई पहुंच गया था। शुक्रवार को दिन भर जंगल में विचरण करने के बाद रात को फिर निकला और रेंज के लमना पहुंच गया। इस दल में एक माह पूर्व जन्मे दो बेबी एलीफेंट भी शामिल था। रात में आसपास विचरण करने तथा उत्पात मचाने के बाद तडक़े हाथियों का दल पास में स्थित तालाब में जलक्रीड़ा करने को पहुंचा हाथी तालाब में जल क्रीड़ा कर रहे थे कि इसमे शामिल एक बेबी एलीफेंट की डूबने से मौत हो गई।
बेबी एलीफेंट के मौत की जानकारी आज सुबह ग्रामीणों को तब लगी जब वे निस्तारी के लिए तालाब गए तो ग्रामीणों ने बेबी एलीफेंट के शव को तैरते हुए देखा। ग्रामीणों ने इसकी तत्काल सूचना वन विभाग के रेंजर एवं अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों को दी। जिन्होंने डीएफओ को अवगत कराया। जिस पर डीएफओ शमा फारूखी, एसडीओ अरविन्द्र तिवारी एवं रेंजर अश्वनी चौबे सहित अन्य स्टाप के साथ घटना स्थल को रवाना हो गई। वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर बेबी एलीफेंट के शव को तालाब से निकलवाने के साथ ही आवश्यक कार्रवाई की और कटघोरा एवं पोड़ीउपरोड़ा से पहुंचे पशु चिकित्सकों से शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसका अंतिम संस्कार का प्रबंधन किया। इससे पहले हाथियों का दल तालाब के आसपास डेरा जमा लिया है बाद में हाथियों के वहां से आगे बढऩे पर बेबी एलीफेंट के शव को बरामद किया गया। छत्तीसगढ़ के महासमुंद, धमतरी, अंबिकापुर, जशपुर एवं धरमजयगढ़ क्षेत्र में करंट लगने, दलदल में फंसने व अन्य वजह से हाथियों की मौत की घटनाएं घटित हो चुकी है। जिसमें डेढ़ दर्जन से अधिक हाथी आकाल मारे गए हैं।