कोरबा। समय से पहले लाकडाउन समाप्त किए जाने के साथ लोगों को राहत देने का काम किया गया है। व्यवस्था सामान्य होने के साथ नियमों की धज्जियां उडऩा शुरू हो गई है। हर कहीं नियम टूटते नजर आये। एक बार फिर से खतरा बना हुआ है कि कोरोना की चेन इन कारणों से और भी मजबूत हो गई। प्रशासन ने 2 अक्टूबर तक के लिए लाकडाउन लगाया था। अज्ञात कारणों से इसे 2 दिन पहले ही खत्म कर दिया गया। स्थिति यह हुई कि 1 अक्टूबर को सुबह 6 बजे ही अधिकांश दुकाने गुलजार हो गई। लोग इस कदर टूटे मानो मौके पर मेला लगा हो। इनमें से काफी लोग बिना मास्क के पहुंचे थे। सोशल डिस्टेंश जैसा कोई नियम यहां दिखा ही नहीं। पेनाल्टी काटने वालो का भी पता नहीं था। इन सबसे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि नियमों को केवल कुछ लोगों के लिए ही बनाकर रखा गया है।