कोरबा। वन मंडल कोरबा के कुदमुरा रेंज के कठराडेरा में बीमार अर्धव्यस्क हाथी के उपचार में वन विभाग की ओर से अब तक लाखों रूपए खर्च किया जा चुका है लेकिन वह अब तक अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सका है। लंबे समय तक उपचार के बावजूद हाथी के खड़ा नहीं होने पर वन विभाग व डॉक्टरों को अब निराशा होने लगी है।
जानकारी के अनुसार हाथी को बीमार हुए लगभग 18 दिन से अधिक का वक्त हो चुका है। बीमार पडऩे व बेहोश होकर गिरने की तिथि से लेकर अब तक वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व जंगल सफारी के विशेषज्ञ चिकित्सक इसके उपचार के लिए जंगल में डेरा डाले हुए है। उपचार के दौरान ग्लूकोज सेलाईन चढ़ाने से लेकर विभिन्न प्रकार की दवाईयां एवं थेरेपी इसे दी जा चुकी है। लेकिन सिवाए स्वयं से चारा खाने के अलावा इसके स्वास्थ्य में कोई विशेष सुधार नहीं हो सका है। उपचार के 18वें दिन भी बीमार हाथी अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पाया। वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व डॉक्टरों की टीम प्रत्येक दिन इसे खड़ा करने की कोशिश करती है। लेकिन हाथी पैरों पर ताकत नहीं लगा पा रहा है और खड़ा भी नहीं हो पा रहा है। लगातार जमीन लेटे रहने की वजह से उसकी स्थिति और भी खराब हो गई है। जिससे वन विभाग के साथ-साथ उपचार कर रहे डाक्टरों को अब निराशा होने लगी है। डॉक्टर अब किसी चमत्कार के इंतजार में लगे हुए है। हालांकि डॉक्टरों ने इसे कुमकी हाथी से स्पर्श चिकित्सा देने की भी सलाह देते हुए इसे तैमूरपिंगला अभ्यारण ले जाने का प्रस्ताव रखा है।