
कोरबा। आम आदमी पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी अमृतपाल सिंह छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के दौरे पर हैं।अपनी पार्टी की नींव मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम कर रहे हैं। इसी तारतम्य में आज अमृतपाल सिंह कटघोरा विधानसभा पहुंचे। जहां आम आदमी पार्टी के कोरबा जिलाध्यक्ष द्वारा कटघोरा नगर में विशाल रैली निकाली और जनसभा का आयोजन किया। प्रदेश सह प्रभारी अमृतपाल सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि 15 साल बीजेपी और 5 साल कांग्रेस पार्टी ने छत्तीसगढ़ में शासन किया, लेकिन यहां के लोगों को क्या मिला, वही खराब सड़क, न अच्छा स्कूल दे पाई न अच्छे कॉलेज दे पाई। छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी ही तीसरा विकल्प बन गया है और लोगों में पार्टी को लेकर उत्साह है। छत्तीसगढ़ महिलाएं अब पहले की तरह नहीं रहे. पढ़े लिखे एजुकेटेड हैं. उनको पता चल गया कि उनके अधिकार क्या हैं. अब वो साडिय़ों के पीछे, दारू के पीछे नहीं जाएंगे. इस बार मुद्दों की राजनीति होगी. आम आदमी पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी अमृतपाल सिंह छत्तीसगढ़ के कोरबा जोली के दौरे पर हैं। अपनी पार्टी की नींव मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के सिलसिले में अमृत पाल सिंह कोरबा जिले के कटघोरा विधानसभा पहुंचे। सहप्रभारी अमृतपाल सिंह ने कहा कि वो अपनी पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को वृहद रूप देने के साथ वो विधानसभाओं में मजबूत प्रत्याशी के चयन के लिए कार्यकर्ताओं के मन को टटोल रहें हैं। छत्तीसगढ़ आम आदमी पार्टी के सह प्रभारी अमृत पाल सिंह ने कटघोरा विधानसभा के दौरान मीडिया से बातचीत की इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की भरोसा यात्रा पर तंज कसा, और कहा कि अगर पांच साल में लोगों का भरोसा नहीं जीत पाए. अब चुनाव को एक-दो महीने रह गए तो यात्रा पर लोग कैसा भरोसा करेंगे। कांग्रेस को अरविंद केजरीवाल की तरह करना चाहिए कि अगर काम किए तो वोट दो, अगर नहीं किया तो वोट मत दो। इस स्लोगन के साथ उन्हें लोगों के बीच आना चाहिए था। इसको छोड़कर कांग्रेस लोगों के सामने हाथ जोड़े नजर आ रहे है, कि हम पर भरोसा कर लो, आने वाले समय में कुछ करेंगे। पांच साल में कुछ कर नहीं पाए। अब उन पर लोगों का भरोसा है नहीं वे जीतने की कोशिश में हैं, लेकिन जीत नहीं पाएंगे। आम आदमी पार्टी के आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के अलावा विशाल केलकर कोरबा विधानसभा प्रत्याशी, कोरबा जिलाध्यक्ष चंद्रकांत डिक्सेना, किसान प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष महिपाल दास महंत, मांझी लाल यादव, मानसिंह कंवर आदि उपस्थित थे।


















