जांजगीर। जिले के निरक्षर अब एंड्राइड मोबाइल बुंकिग लेेनदेन या फिर कम्प्यूटर में की बोर्ड चलाते नजर आएंगे। पहले उन्हें क, ख, ग सिखाया जाता था। अब उनको डिजिटल साक्षर किया जाएगा। न्यू इंडिया लिट्रेसी प्रोग्राम एनआईएलपी के तहत जिले के 6 हजार निरक्षरों को चिह्नांकित किया जा रहा है, जिसके तहत उन्हें ऑनलाइन लेनदेन, अपना बैंक खाता चेक करना, साइबर सुरक्षा की जानकारी सहित डिजिटल जानकारी भी जाएगी। सरकार द्वारा प्रदेश में साक्षरता दर बढ़ाने के लिए साक्षरता अभियान के माध्यम से समय से पहले स्कूल छोड़ चुके या स्कूल नहीं जाने वाले लोगों के लिए विशेष परियोजना चलाई जा रही है।
साक्षर भारत अभियान 2008 के पहले शिक्षा अभियान के नाम से चलता था। इसके पूर्व प्रौढ़ शिक्षा और अन्य नामों से योजना संचालित हुई, मगर इसका परिणाम अब तक पूरी तरह सकारात्मक नहीं मिल पाया। वर्ष 2018 से इसका नाम बदलकर पढऩा लिखना महाभियान किया गया है। पहले साक्षरता अभियान के तहत निरक्षरों को खुद का नाम लिखना व पढऩा सिखाया जाता था, लेकिन अब उन्हें डिजिटल साक्षर भी किया जाएगा। इस प्रोग्राम में 15 वर्ष से अधिक उम्र के उन लोगों को शामिल किया जाएगा जो निरक्षर हैं और कभी स्कूल नहीं गए है।
ऑनलाइन मोड पर किया जाएगा संचालन
योजना के तहत डिजिटल साक्षर करने वाले लोगों का चयन किया जा रहा है, जिन्हें नजदीक के गांव में ही निरक्षरों को डिजिटल शिक्षा या फिर कौशल प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी। उनकी मदद से इसका संचालन ऑनलाइन मोड पर किया जाएगा। पंजीकृत स्वयंसेवियों की मदद के लिए सभी डिजिटल संसाधन माध्यम जैसे टीवी, रेडियो ओपन सोर्स एप और पोर्टल के द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे।
बैंकिग जानकारी के अलावा कौशल विकास पर भी जोर: वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, वाणिज्यिक कौशल, स्वास्थ्य देखभाल और जागरूकता, महत्वपूर्ण जीवन शिक्षा, परिवार कल्याण पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय रोजगार प्राप्त करने की दृष्टि से व्यावसायिक कौशल विकास, प्रारंभिक मध्य और माध्यमिक स्तर की बुनियादी शिक्षा आदि पर भी जोर दिया जाएगा।
कॉलेज के छात्र-छात्राएं या रिटायर्ड कर्मचारी देंगे जानकारी
डीपीओ ने बताया कि न्यू इंडिया लिट्रेसी प्रोग्राम के तहत निरक्षकों को बैंकिंग कौशल, डिजिटल साक्षरता सहित कौशल विकास सहित बुनियादी स्तर पर साक्षर किया जाएगा, जिसमें कॉलेज के छात्र-छात्राएं या फिर रिटायर्ड अधिकारी कर्मचारी जानकारी देंगे।
सभी आयु वर्ग के 6 हजार लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत जिले के 15 और इससे ऊपर के सभी आयु वर्गों के अशिक्षितों को शामिल किया जाएगा। प्रथम चरण में 6 हजार लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में जल्द ही बैठक होगी। बैठक के बाद योजना का क्रियान्वयन किस तरह से किया जाना है यह स्पष्ट होगा।
-विजया राठौर, डीपीओ, लोक शिक्षण समिति