जांजगीर-चाम्पा। एक ओर जहां पूरा देश कोरोना जैसे भंयकर संक्रमण की रोकथाम व इससे बचाव के लिए जुटा है। यहां प्रशासन द्वारा वायरस को फैलने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत बाराद्वार सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस व आबकारी विभाग के सह पर नियमों को धज्ज्यिां उड़ाते हुए बेखौफ अवैध कच्ची महुआ शराब की बिक्री की जा रही है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढऩे लगा है। हालांकि क्षेत्रवासियों की लगातार शिकायत के बाद भी विभाग के अधिकारी अनजान हैं। इससे इनकी तत्परता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
पूरे देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की रोकथाम केन्द्रीय सहित राज्य प्रशासन युद्घ स्तर पर जुटा है। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए दिन रात एक कर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी घर-घर जाकर बाहर से आये लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं, वहीं सफाई कर्मी अल सुबह से लेकर देर शाम तक शहर की सफाई व्यवस्था में जुटे हैं, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। साथ ही लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से पीडि़तों की संख्या देख प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 23 मार्च से 14 अपै्रल तक लॉकडाउन करने की घोषणा की गई है। लॉकडाउन होने के बाद प्रदेश सहित पूरे देश में रेल, बस सहित आवश्यक सेवाएं ठप हैं। साथ ही राज्य शासन के निर्देश पर सभी जिले में की सीमाओं सहित शहरों को सील कर बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगाया गया, ताकि संक्रमण से फैलने से बचाया जा सके। शासन के निर्देश पर अति आवश्यक सेवाओं को छोडक़र सभी दुकानों को बंद रखने का निर्देश भी जारी किया गया है। ताकि भीड़ इकठ्ठी न हो सके। शासन के निर्देश पर 22 मार्च से सभी शराब दुकानें भी बंद हैं, मगर जिले में पुलिस व आबकारी विभाग की उदासीनता के चलते लगातार सभी नगरीय निकायों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर अवैध शराब की बिक्री की जा रही है। नगर पंचायत बाराद्वार के वार्ड नंबर 1, 2, 3, 4, सोसायटी रोड, मुक्ता सहित अन्य वार्डों में लगभग 8 से 10 परिवारों द्वारा बेखौफ अवैध शराब की बिक्री की जा रही है। सुबह से लेकर देर रात तक शराब लेने वालों की भीड़ जुटी रहती है। सूत्रों के अनुसार यहां सुबह 4 बजे से शाम 4 बजे तक नगवासियों को मनमाने दरों पर अवैध शराब बेचा जाता है, वहीं शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अवैध शराब विक्रेता व शराबियों का जमावड़ा लगता है। रोजाना हो रही अवैध शराब बिक्री से क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है। यहां लगातार नगरवासियों द्वारा इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की जा रही है, बावजूद इसके स्थिति जस की है। यहां विभागीय उदासीनता के चलते नगरवासियों में आक्रोश बढऩे लगा है। कोरोना वायरस की रोकथाम व बचाव के लिए पुलिस द्वारा सभी नगरीय निकायों के चौक चौराहों में बेरिकेट लगाया गया है। साथ ही यहां से होकर गुजरने वाले राहगीरों की पूछताछ भी की जाती है, बावजूद इसके शाम ढलते ही यहां रोजाना बड़ी संख्या में दूर दराज के ग्रामीण शराब लेने पहुंचते हैं और बड़ी मात्रा में अवैध शराब लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में खपा रहे हैं, जबकि इसकी जानकारी पूरे क्षेत्र वासियों को है, वहीं पुलिस व आबकारी विभाग अनजान हैं। इससे उनकी कार्यशैली भी संदेहास्पद लगने लगी है।