
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने मणिपुर मुद्दों को लेकर हंगामा किया। वहीं राज्यसभा में भी विपक्षी दलों के नेता अलग-अलग मुद्दों को लेकर हंगामा कर रहे है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से शांत रहने की अपील की। सरकार और विपक्ष के बीच ईपीआईसी के मुद्दे पर टकराव होने की उम्मीद है। विपक्ष मतदाता सूची में कथित हेराफेरी, मणिपुर में हिंसा की ताजा घटना और ट्रंप प्रशासन से निपटने में भारत के रुख जैसे मुद्दों को उठाने की योजना बना रहा है। सरकार का ध्यान अनुदान मांगों के लिए संसद की मंजूरी प्राप्त करने के साथ-साथ बजटीय प्रक्रिया को पूरा करने, मणिपुर बजट के लिए अनुमोदन प्राप्त करने और वक्फ संशोधन विधेयक को पारित करने पर रहेगा। असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में भारतीय पुरातत्व विभाग में खाली पड़े पदों पर सवाल उठाए और कहा कि पानी का रिसाव हो रहा है, ताजमहल में दरार आ गई है। सदन में भारी हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी है। तमिलनाडु सरकार बेईमान है और पीएम स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) को लागू करने के मुद्दे पर पूरी तरह यू-टर्न लेकर राज्य के छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस टिप्पणी पर द्रमुक सदस्यों के विरोध के बाद लोकसभा की कार्यवाही लगभग 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई थी। दरअसल नई शिक्षा नीति और तीन भाषा विवाद पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा में कहा, वे (डीएमके) बेईमान हैं। वे तमिलनाडु के छात्रों के प्रति प्रतिबद्ध नहीं हैं। वे तमिलनाडु के छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। उनका एकमात्र काम भाषा की बाधाएं खड़ी करना है। वे राजनीति कर रहे हैं। वे अलोकतांत्रिक और असभ्य हैं।

























