विदेश जाने से रोकने के लिए युवाओं को ट्रेनिंग दे रही BSF, दो युवाओं निजी कंपनी में मिली नौकरी

गुरदासपुर, 0२ जनवरी । सीमा के साथ सटे गांवों में घनी आबादी का होना सुरक्षा की दृष्टि से अहम है, किंतु इन इलाकों के भी युवाओं में विदेश जाने का चलन चिंता का विषय है। अब सीमावर्ती युवाओं को विदेश जाने से रोकने की जंग में बीएसएफ भी कूद गई है। इसके तहत बीएसएफ की ओर से सीमावर्ती विभिन्न गांवों के दो दर्जन के करीब युवाओं को रोजाना उनके घरों से लाकर बीएसएफ हेडक्वार्टर पर मोटर मैकेनिक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद दो युवाओं को एक निजी कंपनी में अच्छे पैकेज पर नौकरी भी मिल गई है।इसकी पुष्टि करते हुए डीआईजी सुशांत आनंद ने बताया कि गुरदासपुर का चार्ज संभालने का बाद सीमावर्ती क्षेत्र का जायजा लेने के दौरान उन्हें कुछ किसानों ने बताया कि कंटीली तार के पार खेती करने के लिए जाने वाली शायद यह उनकी आखिरी पीढ़ी है।उनके बच्चे विदेश जा चुके हैं और उनके सेटल होने के बाद वे भी विदेश चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह बात काफी चिंताजनक है, क्योंकि अगर पंजाब का अन्नदाता ही पंजाब को छोड़ देगा तो देश कैसे आगे बढ़ सकेगा।इसलिए उन्होंने युवाओं को विदेश जाने से रोकने की पहल करते हुए बीएसएफ हेडक्वार्टर गुरदासपुर में एक विशेष ट्रेनिंग का प्रबंध किया है। इसके तहत सीमावर्ती क्षेत्र के विभिन्न गांवों से करीब दो दर्जन युवाओं को रोजाना बीएसएफ की गाडिय़ों में गुरदासपुर लाकर उन्हें गाडिय़ां ठीक करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। युवाओं में ट्रेनिंग के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए जहां उन्हें अपने वाहनों पर लाया जा रहा है, वहीं उन्हें दोपहर का खाना भी मुफ्त में दिया जाता है। उन्होंने बताया कि उक्त युवाओं में से दो युवाओं को टाटा मोटर एजेंसी में अच्छे पैकेज पर नौकरी मिल गई है। इन युवाओं को प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र भी दिया जाता है। नव वर्ष में बीएसएफ आधुनिक तकनीक को अपनाने पर अधिक जोर दे रही है। पाकिस्तान की ओर से भेजे जा रहे अधिकतर ड्रोन चाइनीज मेड आ रहे हैं। इनका पता लगाने के लिए बीएसएफ भी आधुनिक तकनीकों पर काम कर रही है। इसके अलावा कंटीली तार के पार जाने वाले किसानों को रोजाना की परेशानी से बचाने के लिए बायोमैट्रिक मशीनों का प्रबंध किया जा रहा है और कई गेटों पर मशीनें लगा भी दी गई हैं। इसी तरह बीएसएफ की ओर से पूरी सीमा को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में लाने का काम जारी है।किसानों को परेशानी से बचाने के लिए कंटीली तार को जीरो लाइन के नजदीक ले जाने की योजना पर काम चल रहा है। इसके तहत बीएसएफ हेडक्वार्टर में पड़ते पठानकोट के नौ किलोमीटर एरिया में कंटीली तार को 150 मीटर आगे बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। इसके बाद किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।सीमा पर बीएसएफ जवानों के साथ-साथ महिला कर्मचारी भी पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभा रही है। लेकिन देखने में आया है कि सीमा के साथ शौचालय न होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कंटीली तार के पार खेती के लिए जाने वाली महिला किसानों को भी यह समस्या आ रही थी।

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