मुंबई I महाराष्ट्र में शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद महाविकास अघाड़ी गठबंधन संकट में आ गया है। विधायकों के ताजा आंकड़ों पर नजर डाली जाए और शिंदे के 40 से ज्यादा विधायकों के समर्थन वाले बयान पर भरोसा किया जाए तो शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार अब अल्पमत में आ चुकी है। इस बीच उद्धव ने बुधवार को ही फेसबुक लाइव के जरिए जनता से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने एकनाथ शिंदे के उस आरोप का जवाब दिया, जिसमें शिवेसना नेता ने कहा था कि पार्टी हिंदुत्व के रास्ते से दूर हो रही है। ठाकरे ने साफ शब्दों में कहा कि हमने हिंदुत्व के लिए क्या-क्या किया है, यह भी बताने का यह समय नहीं है। हिंदुत्व के संबंध में विधानसभा में बोलने वाला मैं पहला मुख्यमंत्री हूं।

फेसबुक लाइव के दौरान उद्धव ने कहा कि अगर आप शिवसेना बोलोगे तो शिवसेना और हिंदुत्व आपस में मिले हुए हैं। शिवसेना हिंदुत्व और हिंदुत्व शिवसेना से अलग नहीं हो सकते। हिंदुत्व हमारी सांस है और यह बात बाबासाहब ने कही थी। कुछ लोग कह रहे हैं कि यह बालासाहेब की शिवसेना नहीं है। मैंने ऐसा क्या किया, जो यह सवाल उठ रहे हैं। 2012 में बालासाहेब का निधन हुआ। 2014 में हम अकेले चुनाव लड़े। तब भी हमने जो चुनाव लड़ा था, उस समय 63 विधायक जीतकर आए।

मेरे लोग ही मुझसे इस्तीफा चाह रहे, कोई मोह मुझे रोक नहीं सकता’
उद्धव ने कहा, “अगर मैं अपने ही लोगों को मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं चाहिए, तो मैं क्या करूं? मुझे नहीं पता कि वे लोग मुझे अपना मानते ही कि नहीं। उन्हें मेरे सामने आकर कहना चाहिए था कि आप मुख्यमंत्री पद नहीं संभाल सकते। आपको मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहिए। एक भी व्यक्ति सामने आकर कहता है कि मुख्यमंत्री पद से हट जाओ तो मैं हट जाऊंगा। मैं शिवसेना प्रमुख का बेटा हूं, किसी भी तरह का मोह मुझे रोक नहीं सकता। मेरा इस्तीफा तैयार है।

‘विधायक सिर्फ मुझे फोन कर दें, मैं इस्तीफा देने को तैयार’
शिवसेना प्रमुख ने कहा, “जो विधायक गायब हैं, या जिन्हें गायब किया गया है वे आएं और मेरा इस्तीफा लेकर जाएं। अगर कोश्यारी बोलेंगे तो मैं वहां भी जाने को तैयार हूं। कोई मजबूरी नहीं है। कोई लाचारी नहीं है। मैं चुनौतियों का सामना करने को तैयार हूं। मुख्यमंत्री पद के लिए जो मैं बोल रहा हूं, वह शिवसैनिकों के लिए भी बोल रहा हूं। जिन लोगों को लग रहा है कि मैं शिवसेना प्रमुख के लायक नहीं हूं, तो मैं यह कुर्सी भी छोड़ दूंगा। मैं दोनों पद छोड़ने को तैयार हूं। शिवसेना का कोई और नेता मुख्यमंत्री बनता है तो वह भी अच्छा लगेगा। आप मुझे वहां से फोन करिए और बोलिए कि आप मुझे नहीं चाहिए। मैं इस क्षण को मुख्यमंत्री पद छोड़ने को तैयार हूं। पद आते हैं, जाते रहते हैं। जीवनभर की कमाई होती है, जो आप कुर्सी पर रहकर करते हैं। जनता का साथ मिला है, वह ही असली कमाई है।

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