जांजगीर। बलवा मामले में बयान लेने के लिए थाने में बुलाने के बावजूद आरोपियों नहीं पहुंचे तो पुलिस कर्मी उनके गांव पहुंच गए। यह बात उनको नागवार गुजरी और उन्होंने उनपर हमला कर दिया। आरोपियों के थाने में नहीं आने पर प्रधान आरक्षक भोलेनाथ तिवारी, एएसआई अनिल तिवारी, आरक्षक नारायण सिंह व अपने अन्य साथियों के साथ बयान लेने के लिए बुधवार को आरोपियों के गांव पहुंचे थे।
गांव में आरोपियों ने पहले तो आपस में समझौता होने का दावा किया। इस पर जब जांच अधिकारी प्रधान आरक्षक भोलेनाथ तिवारी ने जब बताया कि समझौता कोर्ट में हो पाएगा और उन्हें बयान देना ही होगा। यह सुनकर आरोपी आवेश में आ गए और गाली गलौज करते हुए प्रधान आरक्षक भोलेनाथ तिवारी व अन्य लोगों पर हमला कर दिया। टीआई उमेश साहू के अनुसार नरियरा के सुनील भारते पिता महेत्तर भारते ट्रांसपोर्टिंग का काम करता है। घटना दिनांक 14 नवंबर शनिवार को वह ट्रांसपोर्ट आफिस से पूजा कर लौट रहा था। नरियरा के भगत चौक के पास पहुंचा था कि आकाश टंडन का किसी से झगड़ते देखा। सुनील भारते ने उन्हें शांत कराया और घर भेज दिया वहां सुनील के भतीजे से आकाश भारते का विवाद हो गया। इस पर सुनील भी मौके पर पहुंचा तो आकाश टंडन, उसके पिता मुन्ना टंडन, भाई गोली और मां तथा अन्य लोगों ने मिलकर सुनील की भी पिटाई कर दी इसकी रिपोर्ट 15 नवंबर को हुई थी। पुलिस ने सुनील की रिपोर्ट पर बलवा का मामला दर्ज किया, वहीं सुनील के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया था। आरोपियों का बयान लेने के लिए उन्हें थाना बुलाया जा रहा था, लेकिन वे नहीं आ रहे थे तो बयान लेने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची थी । पहले आरोपियों के खिलाफ बलवा का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस पर हमला करने के बाद आकाश टंडन, मुन्ना टंडन, गोलू टंडन, आकाश टंडन की मां और उसकी बहन, हरिशंकर नवरत्न तथा दुलारी टंडन सहित सात नामजद व अन्य आरोपियों के खिलाफ धारा 186, 353, 332,147, 148, 149, 323, 342 के तहत मामला दर्ज किया है। नरियरा के जिन लोगों पर पुलिस के साथ मारपीट करने व सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है। वे भी बुधवार को अजाक थाना जांजगीर पहुंचे। थाना में लिखित आवेदन देकर पुलिसकर्मियों पर ही मारपीट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने आवेदन में लिखा है समझौता होने के बाद भी पुलिस कर्मी उन्हें बार-बार परेशान कर रहे थे।
आरोपियों के खिलाफ बलवा का मामला पहले से दर्ज था, जिसकी जांच के बाद बयान के लिए आरोपियों को गई बार थाना बुलाया गया, लेकिन वे लोग बयान देने के लिए नहीं आए तो मंगलवार 24 नवंबर की रात लगभग 8 बजे हम लोग बयान लेने के लिए गए थे। वहां जब पहुंचे तो आरोपियों ने बयान देने से मना करते हुए आपस में समझौता होने का दावा किया। उन्हें बताया कि मामला दर्ज होने के बाद समझौता या अन्य जो भी हो वह कोर्ट से होता है, इसलिए बयान दर्ज करना ही पड़ेगा। इसके बाद वे लोग आक्रोशित हो गए और एकाएक हमला कर दिया। आरोपियों ने गाली गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। बड़ी मुश्किल से भागे तो जान बची। आरोपियों ने सुनियोजित ढंग से हमला किया है।