बालकोनगर- भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर संयंत्र के परसाभाठा स्थित मुख्य द्वार के समीप वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। कोविड-19 के बीच सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य दिशानिर्देशों का पालन करते हुए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारियों और बालको अधिकारियों ने पौधे रोपे। वर्ष 2020-21 में कोरबा, कवर्धा और चोटिया में 60 हजार पौधे रोपने का लक्ष्य है।

बालको ने पर्यावरण के संरक्षण, संवर्धन और उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपने संयंत्र और खान प्रचालनों तथा टाउनशिप में ग्रीन टेक्नोलॉजी के प्रयोग को प्रोत्साहित किया है। सस्टेनिबिलिटी रणनीति के अंतर्गत बालको प्रबंधन ने ग्रीन टेक्नोलॉजी के जरिए उत्पादन प्रक्रिया को अधिक दक्ष बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य किए हैं।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि विश्वस्तरीय कंपनी के तौर पर बालको अपने प्रत्येक प्रचालन क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकों के समावेश, सतत प्रगति, पर्यावरण के संरक्षण व संवर्धन और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कटिबद्ध है। कंपनी के उद्देश्य, उत्पादन प्रक्रियाएं और व्यवसाय संचालन के तरीके भविष्य की बेहतरी को ध्यान में रखकर स्थापित किए गए हैं।

वायु की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए बालको अत्याधुनिक फ्यूम ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से पॉट रूम और बेक ओवन के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है। इस तकनीक के जरिए फ्लोराइड, धूल और अन्य गैसों को उच्च क्षमता के साथ नियंत्रित किया जाता है। सूक्ष्म कणों के उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए बैग फिल्टर वाले हाइब्रिड इलेक्ट्रोस्टेटिक प्रेसीपिटेटर (ईएसपी) स्थापित है। वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए ऑटोमैटिक कॉन्टिन्यूअस एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएसक्यूएमएस) स्थापित है। इस तकनीक में आईओटी का भी समावेश है जिससे डाटा एकत्र करने, रीयल टाइम ट्रांसफर और विश्लेषण में मदद मिलती है।

फ्लाई ऐश के निपटारे के लिए अत्याधुनिक हाई कंसंट्रेशन स्लरी डिस्पोजल सिस्टम (एचसीएसडी) का प्रयोग किया जाता है। फ्लाई ऐश का 100 फीसदी यूटिलाइजेशन फ्लाई ऐश अधिसूचना के अंतर्गत किया जाता है। टाउनशिप से निकलने वाले जैविक अपशिष्ट के निपटारे के लिए सॉलिड एंड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर (एसआरएलएम) स्थापित है। इससे जैविक अपशिष्ट को कंपोस्ट में बदलने में मदद मिलती है।

संयंत्र और आसपास के क्षेत्रों को हराभरा बनाए रखने की दिशा में साढ़े पांच लाख से अधिक पौधे रोपे गए हैं। छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में बालको टाउनशिप के विद्यालयों में ‘ग्रीन स्कूल’ परियोजना संचालित है। बालको छत्तीसगढ़ की उन कंपनियों में शामिल है जहां ‘पहल’ नामक परियोजना के जरिए सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को समाप्त करने की दिशा में कार्य जारी है।

पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन और सतत एवं सुरक्षित कार्य शैली को प्रोत्साहित करने के लिए बालको ने गोल्डन पीकॉक एनर्जी इफिशिएंट अवार्ड 2019, एनर्जी एंड एनवायरमेंट फाउंडेशन ग्लोबल एनवायरमेंट अवार्ड 2019, छत्तीसगढ़ चैप्टर एचएसई अवार्ड 2019, खनन के क्षेत्र मंे उत्कृष्ट कार्य शैली के लिए माइनिंग नजर अवार्ड 2019 और कोयला खान क्षेत्र में उत्कृष्ट पर्यावरण प्रबंधन के लिए एफआईएमआई अवार्ड 2019 आदि जीते।

उत्कृष्ट पर्यावरण प्रबंधन के लिए बालको ने बड़े पैमाने पर निवेश किए हैं। व्यवयाय की रणनीति बनाने, क्रियान्वयन, उत्कृष्ट गवर्नेंस आदि अनेक क्षेत्रों में सस्टेनिबिलिटी के विभिन्न आयामों को स्थान दिया गया है। ‘शून्य क्षति, शून्य अपशिष्ट और शून्य उत्सर्जन’ नीति अपनाते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनेक कार्यक्रमों के जरिए बालको उत्तरोत्तर प्रगति में योगदान के लिए कटिबद्ध है।