कोरबा – पाली थाना में आज उस वक्त हंगामा मच गया जब टोनही प्रताड़ना के एकमामले में गिरफ्तार कर लाए गए 4 आरोपियों में शामिल दो महिलाओं में से एक महिला सावित्री बाई पर देवता सवार हो गए। वह महिला थाना में ही झूपने लगी और गिरफ्तार करने वाले पुलिस कर्मियों को नहीं बख्शने की भी चेतावनी देती रही। थाना में एकबारगी माहौल भयपूर्ण हो गया लेकिन अंधविश्वास की कमजोर जड़ों ने इस भय को बलवती नहीं होने दिया।दरअसल पाली पुलिस ने एक ग्रामीण के पिता के बीमार रहने पर इसके लिए पड़ोस की वृद्धा को टोनही होने का संदेह कर प्रताड़ित करने के मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कराया है।
पाली थाना क्षेत्र के ग्राम डुमरकछार के कछारपारा निवासी नरेश मरकाम के पिता प्रताप मरकाम की तबीयत खराब होने पर पड़ोसी 62 वर्षीय महिला पर जादू-टोना करने का शक किया गया। 18 मार्च को शाम करीब 5 बजे मोहल्ले के धर्म स्थल बूढ़ा देव मंच परिसर में मोहल्लेवासियों को नरेश कुमार के द्वारा साफ-सफाई कराने के बहाने से बुलाया गया। पीड़ित वृद्धा भी अपने पुत्र अमर सिंह व अमृत लाल के साथ वहां पहुंची। मोहल्ले के 30-40 महिला एवं पुरुष भी यहां पहुंचे और साफ-सफाई के बाद जाने लगे तब नरेश ने सभी को रुकवाया। गांव के बैगा छत्तर सिंह से बूढ़ादेव स्थल पर दीया जलवाया, वृद्धा को हाथ में बंदन लगा हुआ नींबू पकड़ाया और इसके साथ ही नरेश मरकाम की पत्नी जमुना बाई, नरेश के साढ़ू लक्ष्मीनारायण की पत्नी सावित्री बाई मरकाम झूपने लगे, जिस पर देवता चढ़ने का प्रपंच किया गया। इसके साथ ही नरेश ने पिता प्रताप पर जादू-टोना करने की बात कह उसके गाल में कई तमाचे मारे और लक्ष्मीनारायण वृद्धा के सिर को पकड़कर बाल उखाड़ने लगा। इन सब घटनाक्रम के दौरान दोनों महिलाएं लगातार झूपतीं रही। डेढ़ से दो घंटे तक यह सारा घटनाक्रम चला और मोहल्लेवासी मूकदर्शक बनकर तमाशा देखते रहे। इन लोगों ने प्रताप की तबीयत ठीक नहीं होने पर वृद्धा के तीनों बेटा-बहू को जान से मारने की धमकी दी। अमर ने घटना की सूचना डायल 112 को दी और जब टीम यहां पहुंची तो सब कुछ शांत हो गया। पीड़िता ने 20 मार्च को इसकी लिखित शिकायत पाली थाना में दर्ज कराई। पाली थाना प्रभारी लीलाधर राठौर ने बताया कि शिकायत की विवेचना कर आरोपी नरेश कुमार, लक्ष्मीनारायण, सावित्री बाई, जमुना बाई मरकाम के विरुद्ध टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 की धारा 4, 5 एवं भादवि की धारा 323, 506, 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। अपराध दर्ज करने के दूसरे दिन चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने उपरांत न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल करा दिया गया।