जांजगीर-चाम्पा। शराबी पिता द्वारा शराब पीकर मां से गाली गलौज करने पर बेटे ने मना किया तो बाप, बेटे से ही उलझ गया। इससे गुस्साए बेटे ने पिता का गला गमछे से घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इससे घबराए युवक ने अपने मामा को फोन कर बुलाया और बाइक पर शव को लाद कर खेत ले गए और वहां फांसी के फंदे पर लटका दिया।
शव को पेड़ की डंगाल पर लटका दिया। पीएम रिपोर्ट में डॉक्टर ने फांसी से पहले गला घोंटने की पुष्टि की तो पुलिस ने जांच शुरू की और पत्नी, बेटे और बाइक में ले जाने में मदद करने वाले को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला चांपा थाना क्षेत्र के ग्राम कुरदा का है। टीआई राजेश चौधरी ने बताया कि विनोद धीवर पिता बट्टू राम धीवर शराब पीने का आदि था। 9 जून की रात विनोद धीवर शराब पीकर आया था। उसी बात से उसकी पत्नी तीजबाई से विनोद का झगड़ा विवाद एवं गाली गलौज होने लगा। विनोद के बेटा नरेश कुमार धीवर ने मां को गाली गलौज देने व मारपीट करने से मना किया तो नरेश से भी उसका पिता उलझ गया। इससे गुस्साए नरेश कुमार ने अपने पिता विनोद धीवर के पहने हुए गमछे से ही उसका गला दबा दिया, जिससे विनोद धीवर की मृत्यु हो गई। बाद में जांच में विनोद की मौत गला घोंटने से हुई है। इस आधार पर पुलिस ने जांच की और पूछताछ में उसे पता चला कि विनोद अक्सर शराब पीकर घर में आता था और पत्नी से विवाद करता था। पुलिस ने पत्नी और पुत्र से कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल लिया। बताया गया कि विनोद की मौत हो जाने से उसका बेटा नरेश धीवर व पत्नी तीजबाई धीवर डर गई। शव घर के बाहर की करीब आधा घंटे तक पड़ा रहा। इस दौरान नरेश ने अपने मुंहबोले मामा संत कुमार धीवर को फोनकर बुलाया और घटना की जानकारी देते हुए मदद मांगी। घटना से घबराए संतकुमार ने पहले तो मदद करने से मना कर दिया। बाद में वह अपना नाम नहीं आने की शर्त पर तैयार हो गया। साक्ष्य छुपाने के नियत से सुनियोजित ढंग से शव को फांसी का रूप देने के लिए एवं खुद को बचाने के लिए नरेश ने शव को बाइक क्रमांक सीजी 11 ए आर 2508 में लाद लिया। इस काम में उसकी मां यानि मृतक की पत्नी तीजबाई ने मदद की। नरेश कुमार एवं संत कुमार धीवर शव को बीच में रखकर मंगल धीवर के घर के पास ले गए।