बिलासपुर- अविभाजित मध्यप्रदेश शासन के समय से भारत एल्यूमिनियम कंपनी प्राइवेट लिमि (बालको) के द्वारा अपने संयत्र जो कि कोरबा में स्थित है, के विद्युत शुल्क को लेकर एक प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय , छत्तीसगढ़ में दायर किया था । उक्त प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा वर्ष 2012 में फैसला सुनाते हुए बालको की याचिका को अस्वीकार किया था तथा शासन के द्वारा निर्धारित विद्युत शुल्क को मान्य किया था । उक्त फैसले के विरूद्ध बालको द्वारा माननीय उच्च न्यायालय की डिवीजन बैंच में प्रकरण दायर किया गया,जिसमें उनके द्वारा यह कथन किया गया था अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से उनका यह संयंत्र लगा हुआ है तथा उनको विद्युत शुल्क में छूट प्राप्त है उन्होंने अपने तर्क में धारा 3 ( बी ) विद्युत शुल्क अधिनियम का जिक्र करते हुए यह दलील रखी कि बालको को इस विद्युत शुल्क के उपर छूट प्राप्त है अतः शासन द्वारा मांग किया गया विद्युत शुल्क विधि विपरीत है ।

दिनांक 29/06/2022 को डिवीजन बैच की सुनवाई उपरांत भारत एल्यूमिनियम कंपनी प्राइवेट लिमि.(बालको) द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी गई जो कि शासन की बड़ी जीत है जिससे राज्य सरकार को वित्तीय लाभ होगा । उक्त प्रकरण में विक्रम शर्मा , उप शासकीय अधिवक्ता ने शासन की ओर से पैरवी की ।