श्रीसप्तदेव मंदिर में चल रहा नौ दिवसीय उत्सव धूमधाम से हुआ संपन्न

कोरबा । कोरबा अंचल के हृदय स्थल सीतामणी मेन रोड क्षेत्र में स्थित श्रीसप्तदेव मंदिर में मॉ श्रीराणीसती दादी, श्रीखाटू श्यामजी, श्रीलक्ष्मी नारायण, श्रीशंकर पार्वती, श्रीराधाकृष्ण, श्रीरामजानकी, श्रीहनुमान, श्रीदुर्गा के साथ-साथ चारों धाम, द्वादश ज्योर्तिलिंग एवंश्रीशिव पंचायतन के दर्शन होते है एवं इस मंदिर की विशेषता है कि यहॉ सभी की मनोकामना पूर्ण होती है।़
इस मंदिर मे देश के प्रसिद्व साधु, संतो, शंकराचार्यों एवं राजनेताओ का आगमन हो चुका है एवं सभी ने मॉ श्रीराणी सती दादी एवं मंदिर में विराजित अन्य देवी-देवताओं के दर्शन कर उनका आर्शीवाद प्राप्त किया है। श्री सप्तदेव मंदिर मे सभी उत्सवों को धूमधाम से मनाने की परंपरा काफी पुरानी रही है। इस मंदिर में 5 प्रमुख उत्सवों श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, श्रीभादी अमावस्या, मंगसिर नवमी एवं श्रीखाटू श्याम का कार्तिक एवं फाल्गुन महोत्सव बहुत ही उमंग एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। विदित हो श्री सप्तदेव मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में बडे-बडे पंडाल लगाकर भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न लीलाओं पर आधारित झांकियॉ बनाई जाती है। जिसके अंतर्गत इस वर्ष का मुख्य आकर्षण अयोध्या में विराजित रामलला की मूर्ति, अयोध्या का मंदिर, काशी विश्वनाथ का मंदिर एवं सेल्फी पाइंट था जिसे देखने के लिये कोरबा जिले के दूरदराज से भक्तगण मंदिर पधारे।1 सितंबर को मंदिर में सायं 4.00 बजे से 6.00 बजे तक दादी जी की पगधोई, मेंहदी उत्सव, ज्वारा उत्सव मंदिर में मनाया गया जिसमें सैंकडों महिला श्रद्धालु उपस्थित होकर इस उत्सव को धूमधाम से मनाया। श्री सप्तदेव मंदिर के प्रमुख ट्रस्टी अशोक मोदी ने बताया कि इन 9 दिनों तक चलें इस उत्सव को सभी ने जिस प्रकार अनुशासित ढंग एवं एकात्मभाव के साथ मनाया उसकी जितनी भी प्रशंसा की जावे कम है, उन्होने समस्त भक्तगणों के साथ साथ नगर पालिक निगम, पुलिस प्रशासन, प्रशासनिक विभाग के साथ साथ समस्त समाजों एवं इन उत्सवों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहयोग करने वाले सभी लोगों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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