जांजगीर-चाम्पा। चैंपियन रिफ्राटेक प्राइवेट कंपनी में 800 टन प्रेस मशीन के उपयोग पर बैन सिवनी-चांपा में संचालित चैंपियन रिफ्राटेक प्राइवेट कंपनी में प्रेस मशीन चलाते समय संचालक द्वारा लापरवाही बरती जा रही थी, प्रेस मशीन में सेंसर नहीं लगाया गया था, जिसके कारण ऑपरेटर गुरुदयाल यादव का हाथ मशीन में फंस गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
सहायक संचालक औद्यागिक, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने जांच के बाद 800 टन प्रेस मशीन के उपयोग पर तत्काल बैन लगा दिया है, वहीं कंपनी के छह अन्य मशीनों के संचालन पर भी तब तक रोक लगा दी है, जब तक उन सभी में सेंसर नहीं लग जाता है। सिवनी-चांपा में संचालित चैंपियन रिफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड में 24 अक्टूबर को काम करते समय सुखरीकला जिला कोरबा निवासी ऑपरेटर गुरूदयाल यादव (25 वर्ष) पिता चमरू यादव का हाथ 800 टन प्रेस मशीन में फंस कर कट गया था। गुरूदयाल की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटना के संबंध में सहायक संचालक औद्यागिक, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के अनुसार कारखाने में मिक्सड रॉ मटेरियल जिसे विभिन्न साइज के प्रेस मशीन में डालकर आकार दिया जाता है। वर्तमान में कारखाने में विभिन्न क्षमता की 6 प्रेस मशीनें है। दुर्घटना 800 टन क्षमता वाली प्रेस मशीन से हुई है। 24 अक्टूबर को दोपहर 3.30 गुरूदयाल यादव इसी प्रेस मशीन में रॉ मटेरियल को डाल रहे थे, अचानक उनका दाहिना हाथ रैम और पैटर्न के मध्य आ गया। जिससे उनका दाहिना हाथ कट गया और वो गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए सुपरवाइजर द्वारा नायक नर्सिंग होम चंपा ले गए जहां से अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर रेफर किया गया। कारखाना निरीक्षक एवं सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मनीष कुंजाम द्वारा कारखाने के 800 टन प्रेस मशीन के संचालन प्रक्रिया को प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रतीक अग्रवाल को आदेशित किया गया है कि वे कारखाने में स्थापित समस्त प्रेस मशीनों का सेंसर लगाकर संचालित करे जिससे की जब श्रमिक हाथ डाले तो मशीन ऑटोमेटिक रूक जाये। बाड़े की व्यवस्था करने कहा गया है ताकि श्रमिक का हाथ वहां तक न पहुंचे, पर्यवेक्षण की व्यवस्था कर व अन्य ऐसी व्यवस्था करने कहा गया है जो श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु आवश्यक हो तथा इस प्रकार के कार्य के दौरान सुरक्षित कार्य पद्धति अपनाएं।
श्वास और दमा क ा दवा नि:शुल्क वितरण शरद पूर्णिमा को
जांजगीर-चाम्पा। श्वास और दमा रोगियों के लिये ग्राम हरदी महामाया में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी शरद पूर्णिमा 30 अक्टूबर को नि:शुल्क आयुर्वेदिक दवा का वितरण किया जाना हैं। इस बार कोरोना के कारण मंदिर प्रांगण में नहीं बल्की इस बार पीआर औषाधालय के घर से शरद पूर्णिमा के एक दिन पहले या शरद पूर्णिमा के दिन पहले आकर दवा प्राप्त कर सक्तें हैं। शरद पूर्णिमा के दिन रोगी को उपवास रहकर औषधि को रात 12 बजे सेवन करना हैं।