
लखनपुर। सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में जान – माल का नुकसान पहुंचाने वाले नौ हाथी शनिवार की रात लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत अमगसी के चारपारा में पहुंच गए। बिजली सुविधा विहीन बस्ती में हाथियों के पहुंचते ही अफरातफरी का माहौल निर्मित हो गया। घर छोड़कर गांव वाले कड़ाके की ठंड में बाल बच्चों के साथ सुरक्षित स्थान पर चले गए। वन विभाग की टीम ने भी ग्रामीणों की मदद की। सारी रात हाथियों ने चारपारा बस्ती में स्वच्छंद विचरण किया। यहां चार ग्रामीणों का घर क्षतिग्रस्त करने के साथ ही हाथियों ने बड़े रकबे में अरहर व आलू की फसल भी तबाह कर दी। हाथियों ने रामफल प्रजापति , सुफल मझवार, बलिंदर मझवार ,अखशन मझवार का घर क्षतिग्रस्त कर दिया।सुबह जंगली हाथी वापस लखनपुर वन परिक्षेत्र से लगे उदयपुर वन परिक्षेत्र के सीमावर्ती जंगल में चले गए। ग्रामीण जब घर वापस लौटे तो बड़ा नुकसान हो चुका था। क्षतिग्रस्त मकान और चौपट हो चुकी खेती को देखकर ग्रामीण चिंतित हो उठे। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की शाम को जंगली हाथियों का दल अंबिकापुर- बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम जजगी से केदमा पहुंच मार्ग पर विचरण कर रहा था। इस कारण मार्ग में आवागमन भी बाधित हुआ था। जजगी- केदमा मार्ग से हटने के बाद रात को हाथी लखनपुर विकासखंड के आमगसी पंचायत के चारपारा में आ गए थे। हाथियों के आने की भनक लगते ही गांव वालों ने अपना घर छोड़ दिया था। वन विभाग की टीम भी ग्रामीणों की सहायता और सतर्क करने में लगी हुई थी। इस बस्ती में आज तक बिजली सुविधा का विस्तार नहीं हुआ है। अंधेरे के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। ग्रामीणों द्वारा रात में अलाव और ढोल नगाड़े बजाकर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया।वर्तमान में हाथियों का दल वन परिक्षेत्र उदयपुर के जंगल में डेरा जमाए हुए हैं।


























