जांजगीर-चाम्पा। जिले के आईपीएल सटोरियों के सामने पुलिस आखिर चुप क्यों हैं। जांजगीर की पुलिस ने दो छोटे छोटे सटोरियों को पकडक़र अपनी खाना पूर्ति तो कर ली लेकि न सक्ती व चाम्पा की पुलिस अब तक मौन हैं। क्योंकि यहां हर आईपीएल में 5-10 करोड़ का दांव तो लगाया ही जाता हैं। लेकिन 50 दिन के मैच में अब तक कोई भी कार्यवाई नहीं हुई हैं, पुलिस और सटोरियों के बीच चोली दामन का साथ हैं। बताया जाता हैं कि इन दोनों शहरों में हर गली कुचों में आईपीएल का सट्टा संचालित हो रहा हैं। आप को बता दे कि सक्ती सट्टें की राजधानी कही जाती हैं। यहां प्रदेश का सबसे बड़ा सटोरिया हैं। जो हर आईपीएल मैच में करोड़ों रूपये का दांव लगाता हैं। लेकिन पुलिस उसके ठीकाने तक आज तक नहीें पहुँच पायी । बताया जा रहा हैं कि सक्ती में सबसे बड़ा सट्टा संचालित हो रहा हैं। यहां के हर चौथे घर में सट्टोरिया हैं। जो अपने घर द्वार बेचकर सट्टे के गर्त में गिरा जा रहा हैं। वहीं सटोरियों के घर आबाद हैं जो यहां मुम्बाई दिल्ली के सटोरियों से लिंक जुड़ा हुआ हैं। जो शाम साढ़े सात बजें अपने माबाईल लैपटाप लेकर गुमनाम स्थान में बैठ जातें हैं। और करोड़ों रूपयें का दान लगवातें हैं। यहां की पुलिस आज तक ऐसे सटोरियों को पकडऩे की हिम्मत नहीं जुटा पाई। क्योंकि सटोरियां पुलिस से पहले से ही मिल चुकी हैं, यहीं वाजह हैं कि पुलिस सटोरियों को पकडऩे का प्रयास ही नहीं कर रहें हैं। पकडऩे के नाम पर केवल औपचारिक्ता निभाई जा रहीं।
चाम्पा का भी यहीं हाल
चाम्पा में भी पुलिसिंग नाम की चीज नहीं हैं। चाम्पा में भी पुलिस ने अब सट्टा पकडऩे के लिये कोई प्रयास नहीं कियें हैं। बताया जा रहा हैं कि यहाँ थाना के करीब में ही एक बड़ा सटोरिया सट्टे में करोड़ों रूपयेंं के दाव लगावातें हैं। यहां की सटोरिया भी पुलिस से मिलि हुई हैं यहीं वजह हैँ कि पुलिस ने इन सटोरियों को पकडऩे में कोई दिलचस्प नहीं ली। जिसके कारण चाम्पा में भी सटोरियों का मकडज़ाल फैला हुआ हैं।