
जांजगीर चांपा। कोटमीसोनार गांव में दबंगों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए सरकारी हैंडपंप में सबमार्सिबल पंप लगा कर निजी उपयोग कर रहे हैं। इनमे हैंडपंप में पानी का उपयोग अन्य ग्रामीण नहीं कर पा रहे हैं। इधर आम लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे है। पीने के लिए पानी के ग्रामीणों को दूसरे मोहले या फिर दो किमी दूर से पीने के पानी लाने मजबूर है। ग्रामीणों के शिकायत का भी अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि सरपंच को इन सबसे कोई मतलब नहीं है। शासन की तरफ से गांवों के विकास के लिए तमाम तरह की योजनाएं चलाई जा रही है। विकास के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, लेकिन कुछ लोग इसको लेकर मोटर लगाकर उपयोग कर रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद किसी प्रकार समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। इधर आम लोगों को पिछले महीनों से बूंद भर पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। गांव में पुराना टंकी के माध्यम से पानी सप्लाई होता है, लेकिन वर्तमान में कुछ खराबी आ जाने के कारण पानी की सप्लाई नहीं हो पा रहा है। उधर ग्रामीणों को नल से भी पानी नहीं मिल पा रहा है और हैंडपंप पर कब्ज़ा हो गया है। इससे ग्राम पंचायत के किसी भी व्यक्ति को पानी नहीं मिलता है, जिससे लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अगर कोई ग्रामीण इसका विरोध करता है तो उसके साथ ये गलत व्यवहार करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच रामिन बाई अपने घर के सामने में लगे हैंडपंप में सब मर्सिबल पंप लगाकर निजी उपयोग किया जा रहा है। साथ ही वार्ड 14 पंच किया सामर द्वारा सरकारी हैंडपंप में बसंत पंप लगाकर सिंचाई के लिए उपयोग किया जा रहा है। इससे अंदाजा लगा लीजिए की गांव का मुखिया ही ऐसा कर रहा है तो अन्य लोगों का क्या होगा। इसको लेकर ग्रामीणों में ऑक्रोश देखा जा रहा है। गांव के वार्ड 16 के वसीम खान,वार्ड 15 के झाल्य यादव द्वारा सरकारी हैंडपंप में सब मर्सिबल पंप लगाकर निजी उपयोग कर रहा है। इसमें एक ने तो अपने बाड़ी में पानी का उपयोग कर रहा है। दूसरा भी सब्जी वगैरहा के लिए उपयोग कर रहा है। इसको देखकर अन्य ग्रामीण भी धीरे-धीरे एक-एक करके सरकारी हैंडपंप को अपने कब्जे मेकर लिया गया है। 00लोग झगडा पर उतारू हो जाते हैं00 इस संबंध में ग्रामीण जलीद खान, सकील खान, नन्हे यादव, राजू खान रजाक खान का कहना है कि गांव एक को देखकर अन्य ग्रामीण भी धीरे-धीरे हैंडपंप में कब्जा सब मर्सिबल पंप लगाकर निजी उपयोग कर रहे हैं। कई लोग सिंचाई के लिए तो कई लोग अपने घर में उपयोग कर रहे है। धीरे-धीरे इसकी संख्या बढ़ रही है। इससे अन्य ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा है। वर्तमान टेप नल में भी पानी नहीं आ रहा है। कुछ खराबी की वजह से महीनों से नल के टोटी पानी उगलना बंद कर दिया है। ऐसे में नल और हैंडपंप दोनों से आम लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। कई बार पीएचई से लेकर जनपद सीईओ तक इसकी शिकायत कर चुके हैं। फिन भी कारवाई नहीं होने से दबंगों के हौसले बुलंद है।
























