
नईदिल्ली, 0७ मार्च ।
कांग्रेस ने गुरुवार को आरोप लगाया कि नए आयकर कानून से कर अधिकारियों को सभी करदाताओ के ई-मेल, इंटरनेट मीडिया और बैंक खातों तक पहुंचने में मदद मिलेगी, जिससे भारत एक निगरानी राज्य (सर्विलांस स्टेट) बन जाएगा। पार्टी की प्रवक्ता और इंटरनेट मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह सभी के लिए चेतावनी है, क्योंकि अब ई-मेल, इंटरनेट मीडिया, बैंक और ट्रेडिंग खाते निशाने पर हैं। कांग्रेस ने एक्स एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने पेगासस के जरिए हम पर जासूसी की। अब वे हमारी निजी जिंदगी को पूरी तरह से छीन लेंगे। मोदी के नए कानून के तहत सरकार चुपचाप अधिकारियों को आपके डिजिटल जीवन में घुसपैठ करने की ताकत दे रही है। कोई वारंट नहीं, कोई नोटिस नहीं, केवल शक ही आपकी निजता को छीनने के लिए पर्याप्त है। यह निगरानी है। हमें इसका स्पष्ट रूप से विरोध करना चाहिए। श्रीनेत ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि नया आयकर कानून कर अधिकारियों को आपके ईमेल तक असीमित पहुंच की अनुमति देता है। यानी आपकी निजी बातचीत को पढ़ सकते हैं, आपके इंटरनेट मीडिया, आपके पोस्ट, संदेश और बातचीत की निगरानी कर सकते हैं। आपके बैंक खाते को देख सकते हैं कि प्रत्येक रुपया जो आपने कमाया और खर्च किया है। आपके ट्रेडिंग खाते को देख सकते हैं, आपके निवेश और वित्तीय गतिविधियों को देख सकते हैं।उन्होंने आगे कहा कि उन्हें ऐसा करने के लिए किसी प्रमाण की जरूरत नहीं है, केवल शक ही काफी है। सरकार के पास असीमित ताकत है। मोदी सरकार आलोचकों को चुप कराने और विपक्ष को कुचलने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि नमामि गंगे योजना के तहत आवंटित धन की 55 प्रतिशत राशि खर्च नहीं की गई जो इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गंगा की सफाई की अपनी गारंटी भुला दी और सफाई के नाम पर मां गंगा को केवल धोखा दिया है।खरगे ने गुरुवार को एक् पर पोस्ट किया, मोदी जी ने कहा था कि उनको मां गंगा ने बुलाया है, पर सच ये है कि उन्होंने गंगा सफाई की अपनी गारंटी को भुलाया है। उन्होंने कहा कि 11 वर्ष पहले, 2014 में नमामि गंगे योजना शुरू की गई थी। इस योजना में मार्च 2026 तक 42,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल किया जाना था, पर संसद में दिए गए प्रश्नों के जवाब से पता चलता है कि दिसंबर, 2024 तक केवल 19,271 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यानी मोदी सरकार ने नमामि गंगे योजना का 55 प्रतिशत धन खर्च ही नहीं किया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि मां गंगा के प्रति इतनी उदासीनता क्यों उन्होंने कहा कि 2015 में मोदी जी ने हमारे एनआरआइ साथियों से स्वच्छ गंगा कोष में योगदान देने का आग्रह किया था। मार्च, 2024 तक इस इस कोष में 876 करोड़ रुपये दान दिए गए, पर इसका 56.7 प्रतिशत हिस्सा अब तक इस्तेमाल नहीं हुआ है। इस फंड का 53 प्रतिशत सरकारी उपक्रमों से दान लिया गया है। खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने गंगा सफाई के नाम पर मां गंगा से केवल धोखा ही किया है।


















