
तीन लाख विस्थापन की राशि के अलावा पांच लाख रुपए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि की मांग
कोरबा । कोरबा जिले में स्थापित एसईसीएल सराईपाली खदान के प्रभावितों का 3 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन धरना समाप्त हो गया। तीन लाख विस्थापन की राशि के अलावा पांच लाख रुपए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि की मांग पर चार माह के भीतर प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजने पर सहमति बनी है। प्रशासन व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में एसईसीएल कोरबा एरिया के अधिकारियों ने प्रभावितों के साथ सकारात्मक चर्चा हुई।
खुली मुहाने की खदानों से प्रभावित बस्तियों को विस्थापित करने पर बसाहट स्थल पर भू-विस्थापितों को घर बनाने जमीन उपलब्ध कराया जाता है। एसईसीएल सराईपाली खदान से ग्राम बुड़बुड़ प्रभावित है। ग्राम के जिन ग्रामीणों ने बसाहट नहीं लिया है इसके बदले 3 लाख रुपए विस्थापन की राशि दिया जाना है। मगर यह राशि दूसरे एरिया के प्रभावितों से कम होना बताकर एसईसीएल सराईपाली खदान के बाहर मुख्यद्वार पर धरने पर बैठ गए थे। इससे खदान में कोयला उत्पादन व प्रेषण प्रभावित हो गया था। धरना स्थल पर एसईसीएल के अधिकारी चर्चा करने पहुंचे। प्रशासन व पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे। खदान प्रभावित बुड़बुड़ के ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि तीन लाख विस्थापन राशि के अलावा पांच लाख रुपए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि की मांग है, इसे प्रस्ताव बनाकर एसईसीएल मुख्यालय भेजेंगे। प्रस्ताव बनाकर भेजने में चार माह का समय लग जाएगा। एसईसीएल प्रबंधन व प्रभावितों के मध्य समझौते के बाद आखिरकार चार दिनों से जारी अनिश्चितकालीन धरना समाप्त हो गया है।
एसईसीएल कोरबा क्षेत्र जीएम दीपक पंड्या ने बताया कि प्रभावितों को मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया है। 270 पात्र भू-विस्थापितों को एसईसीएल में रोजगार मिला है। प्रभावितों के मांग का प्रस्ताव पुनर्विचार के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा।


















