कोरबा। पाली ब्लाक अंतर्गत विगत 2 वर्ष से धीमी गति से बन रहे सिल्ली पौड़ी मार्ग में गुणवत्ता विहीन कार्य तथा पोलमी के निर्माणाधीन पुल को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों में खासी नाराजगी देखी जा रही है। आज ग्रामीणों द्वारा सख्त लहजे में चेतावनी दी गई कि सही समय पर और गुणवत्ता पूर्ण कार्य कराया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण में सड़क किनारे टीचिंग में मुरूम की जगह मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है जो कि आने वाले बारिश के समय छोटी एवं बड़ी गाडिय़ों के लिए सड़क से नीचे उतरने के दौरान स्लिप होकर नीचे गिरने पर बड़ी दुर्घटना सामने आ सकती हैं। क्योंकि जमीन लेवल से सड़क की हाइट अब काफी ऊंची हो चुकी है जिला पंचायत सदस्य व ग्रामीणों के द्वारा काम को बंद कराकर मुरूम डालने के लिए कहा गया है ।
पोंडी सिल्ली मार्ग के निर्माण में पोलमी स्थित पुल निर्माण को लेकर स्थानीय सरपंच, जनपद सदस्य व ग्रामीणों ने ठेकेदार पर मनमानी ढंग से कार्य करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुल का निर्माण में कार्य गुणवत्ता विहीनकिया जा रहा है। जिससे बारिश में परेशानी बढऩे की पूरी आशंका है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन की चेतावनी भी ग्रामीणों के द्वारा दी गई। यहां यहां बताना लाजमी होगा कि पाली से पौड़ी, सिल्ली के बीच लगभग 21 किलोमीटर सड़क का नवीनीकरण कराया जा रहा है। 7 मीटर चौड़ी बन रही सड़क की लागत 53 करोड़ है। इस मार्ग पर एक बड़ा पुल, 5 मध्यम पुल और 67 पाइप स्लैब का निर्माण कराया जा रहा है। जब से सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ है तब से यह सड़क कई विवादों से घिरा हुआ है।नाली निर्माण, सड़क की गुणवत्ता विहीन कार्य पर आरोप ग्रामीण लगातार लगाते रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मुआवजा के कई मामले अभी तक निराकृत नहीं किए गए हैं। जिसके कारण कई बार ग्रामीण विरोध करते हुए सड़क निर्माण पर रोक भी लगा चुके हैं। लेकिन ठेकेदार द्वारा मनमानी पूर्वक कार्य कराया जा रहा है, इसे लेकर जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रीय सरपंचों, ग्रामीण जनों के द्वारा ठेका कंपनी को कई बार चेतावनी भी दी गई है लेकिन सड़क का निर्माण बदस्तूर जारी है। और इन सब चेतावनी को नजरअंदाज कर मनमाने ढंग से काम को अंजाम दिया जा रहा है। इस मनमाने तरीके से ठेकेदार द्वारा काम को लेकर एक बार फिर ग्रामीण लामबंद हुए हैं और सिल्ली पोंडी सड़क निर्माण व पुल निर्माण के दौरान हो रहे लापरवाही पूर्वक कार्य को रुकवा दिया गया।
ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के द्वारा गुणवत्ता विहीन कार्य को तीव्र आक्रोश व्यक्त करते हुए सड़क निर्माण व पुल निर्माण के गुणवत्ताहीन कार्य को लेकर ठेका कंपनी को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। बताया कि इस सड़क निर्माण में लेटलतीफी से हजारों ग्रामीणों को लगभग 2 वर्ष से आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क मार्ग बिलासपुर जिले के रतनपुर, गौरेला, पेंड्रा, बेलगहना, मुंगेली क्षेत्र को और इस क्षेत्र की लगभग एक दर्जन ग्राम पंचायत के 50, 000 से अधिक आबादी को ब्लॉक और जिला मुख्यालय से जोड़ता है। अगर बरसात के पहले पोंडी सिल्ली मार्ग पूर्ण रूप से तैयार नहीं हुआ तो ग्रामीणों को फिर से सड़क पर उतर कर उग्र आंदोलन करने मजबूर होना पड़ेगा इसकी सारी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

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