सास ससुर के हत्यारे दामाद को भोगना होगा दोहरा आजीवन कारावास

सक्ती । सास ससुर के दोहरे हत्याकांड के आरोपित को अपर सत्र न्यायाधीश ने दो बार आजीवन कारावास एवं अर्थ दंड की सजा सुनाई और 20 हजार रूपए अर्थदंड से दंडित किया।अभियोजन के अनुसार हसौद थाने में ठाकुर राम टंडन ने सूचना दी कि 26 मार्च 2022 को विजय कुमार आजाद एवं मंगली बाई की हत्या दिनेश खूंटे के द्वारा कर दी गई। सूचना के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम किया और जांच प्रारंभ किया । गवाहों के बयान के आधार पर पुलिस ने दिनेश खूंटे के विरूद्ध भादवि की 450, 302 के तहत अपराध दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि 26 मार्च 2022 को वह अपने दोस्त अमित एवं राघवेंद्र के साथ अपाचे बाइक में बैठकर ग्राम कैथा गए थे। बाइक को तालाब के पास छोडक़र तीनों अपने ससुर विजय राम के घर गए ।
वह एक चाकू रखा था विजयराम को अमित और राघवेंद्र पकड़ लिए और उसने उसके गले को चाकू से रेत दिया । उसकी सास मंगली बाई बीच बचाव करने आई तो उसे भी अमित ने गैती से मारा और उसका भी चाकू से गला रेत दिया। उसी समय बेटी जमुना को राघवेंद्र मारने के लिए चाकू से गला को रेत रहा था तो उसने मना किया। पुलिस ने चाकू जब्त किया । आरोपित के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। मामले की सुनवाई कर 17 गवाहों का बयान लिया गया। दोनों पक्षों को सुनने के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश डा. ममता भोजवानी ने आरोपित दिनेश खूंटे को भादवि की धारा 450, 34 के लिए 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार रूपए के अर्थ दंड धारा 302, 34 के लिए दो बार आजीवन कारावास एवं 5 हजार रूपए अर्थदंड , धारा 201, 34 के लिए 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार रूपए के अर्थ दंड से दंडित किया। प्रकरण के अन्य सहआरोपित राघवेंद्र एवं अमित फरार हैं इसलिए जप्त सुदा संपत्ति के संबंध में कोई आदेश पारित नहीं किया गया है। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक ऋषिकेश चौबे ने पैरवी की।

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