
सूरजपुर। जल संसाधन संभाग सूरजपुर में स्टेनो ग्राफर का पद स्वीकृत नही होने के बावजूद 16 वर्षों से महिला स्टेनो ग्राफर से सहायक ग्रेड दो के पद पर कार्य कराए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। महिला स्टेनो ग्राफर के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत पर इंकम टैक्स समेत आइओडब्ल्यू द्वारा जांच की जा रही है। इसकी पुष्टि कार्यपालन अभियंता ने की है। जल संसाधन संभाग सुरजपुर में स्टेनो ग्राफर का पद स्वीकृत नही है। उसके बावजूद जल संसाधन विभाग मंत्रालय रायपुर द्वारा 30 जून 2008 को जारी आदेश के तहत महिला स्टेनो ग्राफर को जल संसाधन संभाग सुरजपुर में पदस्थ कर उनसे सहायक ग्रेड दो पद का कार्य कराया जा रहा है। जिसकी पुष्टि अधीक्षण अभियंता श्याम बरनई परियोजना मंडल अंबिकापर ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत दी गई जानकारी में की है। महिला स्टेनो ग्राफर के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर से लेकर विभाग व शासन प्रशासन के तमाम आला अफसरों से लिखित शिकायत करते हुए कार्यवाही की मांग की जा चुकी है। उसके बावजूद जांच कार्रवाई में हीलाहवाला की जा रही है। शिकायतकर्ता ने राज्य के मुख्य सचिव से लेकर संबन्धित विभाग व पुलिस महकमे में की गई शिकायत में प्रमाण के साथ स्टेनो ग्राफर के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कथित स्टेनो ग्राफर के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने से लेकर शासकीय सेवा में रहते हुए शासकीय भूमि पर कब्जा कर अवैध निर्माण करने तथा ड्यूटी में उपस्थिति दर्ज कर भूमि क्रय विक्रय हेतु स्टांप खरीदने और विक्रय पत्र निष्पादन करने की प्रमाणिक शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। वही स्टेनो ग्राफर का पद नही होने के बजाय 16 वर्षों से स्टेनो ग्राफर से सहायक ग्रेड दो के पद का कार्य कराए जाने की शिकायत कर तत्काल कार्रवाई की मांग भी की गई है। संपत्ति विवाद को लेकर लगातार शिकायत मिल रही है। यह सच है कि स्टेनो ग्राफर का पद स्वीकृत नही है। मंत्रालय के निर्देश पर महिला स्टेनो ग्राफर को कार्यालय में पदस्थ कर सहायक ग्रेड दो के पद पर कार्य कराया जा रहा है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में इंकम टैक्स विभाग समेत आईओडब्ल्यू व पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।





















