नईदिल्ली, २९अक्टूबर [एजेंसी]।
सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला की हत्या के मामले में दोषी की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। दोषी ने महिला का गला घोंटकर हत्या की और उसका पेट काटकर शरीर के कुछ अंग निकाल लिए थे। दोषी मोहन सिंह की याचिका पर चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा, फांसी की सजा के अमल पर रोक रहेगी। दोषी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने पीठ को बताया, यह हत्या का वह मामला नहीं जिसमें उसने मृतका का पेट काट दिया। इस पर पीठ ने पूछा, क्या वह किसी किस्म का राक्षस या कुछ और है। आपके मुवक्किल ने इतना नृशंस कृत्य क्यों किया। उसने पेट काटकर खोला क्यों और पेट में कपड़े क्यों भरे। क्या वह किसी तरह का सर्जन या कुछ और है। पीठ के सवालों पर लूथरा ने कहा, मोहन सिंह सुरक्षा गार्ड का काम करता था। सुप्रीम कोर्ट राजस्थान हाईकोर्ट के सात अगस्त के फैसले के खिलाफ याचिका पर सुनवाई कर रहा है। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सिंह को सुनाई फांसी की सजा बरकरार रखी थी।
यह मामला 2019 में दर्ज किया गया था। तब एक बैग में तारों से बंधी महिला का शव मिला था। ट्रायल के दौरान सिंह ने दावा किया था कि उसने हत्या नहीं की और उसे मामले में झूठे तरीके से फंसाया गया है। हालांकि ट्रायल कोर्ट ने इस साल फरवरी में उसे दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट के समक्ष राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि सिंह को दूसरे हत्या मामले में भी दोषी ठहराया जा चुका है। ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए हाईकोर्ट ने फैसले में लिवर समेत कई अंगों के गायब होने का भी उल्लेख किया था।