नईदिल्ली, [एजेंसी]।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बताया कि हवाला डीलर नरेश जैन ने अपने साथियों के साथ मिलकर 565 करोड़ रुपये काला धन बनाए (जनरेट किए)। 28 अक्तूबर को दिल्ली की एक अदालत में दायर चार्जशीट में ईडी ने दावा किया कि नरेश एक विशाल ट्रांस नेशनल मनी लॉन्ड्रिंग ऑपरेशन में शामिल था। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में ईडी ने 62 साल के नरेश को सितंबर में गिरफ्तार किया था। ईडी की चार्जशीट में नरेश के अलावा अन्य लोगों को आरोपी बनाया है। 2 नवंबर को ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली की विशेष अदालत ने इस मामले में फरार चल रहे चार और आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
ईडी के मुताबिक नरेश ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अपने कर्मचारियों को 450 भारतीय फर्जी कंपनियों और 104 विदेशी संस्थाओं को शामिल किया। वे सब अंतरराष्ट्रीय हवाला कारोबार को अंजाम देते थे। ग्राफिक बिल्डकॉन और एरो बिल्डटेक जैसी कंपनियों की स्थापना नरेश के करीबी सहयोगियों और डमी शेयरधारकों के दस्तावेजों की पहचान प्रमाण के साथ की गई थी। इन फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल करते हुए नरेश ने कई संपत्तियां खरीदीं। जांच एजेंसी ने कहा कि इस हवाला कारोबार के जरयिे 5 अरब 65 करोड़ से अधिक की रकम जनरेट की गई।