कोरबा। छत्तीसगढ़ में करंट से हाथियों की लगातार हो रही मौतों को देखते हुए वन विभाग का अमला सतर्क हो गया है और विभाग द्वारा हाथियों की सक्रियता वाले गांव के ग्रामीणों के उन बिजली कनेक्शनों व तारों को हटवाया जा रहा है जिसे सिंचाई के लिए उन्होंने अपने खेतों व बाडिय़ों में लगा रखे थे।
आज कोरबा डिविजन के कुदमुरा रेंज में भी अधिकारियों द्वारा इस तरह के अवैध बिजली तारों को हटाने के लिए अभियान चलाया गया। रेंजर विष्णु मरावी के नेतृत्व में वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी आज सुबह रेंज के हाथी प्रभावित गांव जिल्गा व कुदमुरा पहुंचे और वहां का निरीक्षण किया। इस दौरान 25 ग्रामीणों द्वारा अपने बाडिय़ों व खेतों में बिजली के अवैध तार लगाए पाए जाने पर उन्हें तत्काल हटाने का निर्देश दिया। जिस पर ग्रामीणों ने अपने तार व कनेक्शन हटा लिये। ज्ञात रहे सितंबर माह के आखिरी सात दिनों के भीतर रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़, महासमुंद के पिथौरा व गरियाबंद के धंवईपुर में तीन हाथियों की मौत बिजली के करंट लगने से हो गई। इन मौतों से वन विभाग में हडक़ंप मच गया था। जिसके बाद अधिकारियों ने मंत्रणा किया और इसके लिए ग्रामीणों द्वारा लगाए गए अवैध बिजली तारों व कनेक्शन को जिम्मेदार ठहराते हुए अवैध कनेक्शनधारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कोरबा डिविजन में भी इस तरह के अवैध तारों को हटवाया जा रहा है। इसकी शुरुआत कुदमुरा रेंज से की गई। जहां के दो गांवों में विभाग ने कार्रवाई करते हुए 25 से अधिक बिजली तार व कनेक्शन हटवाए।