छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में हाथियों ने एक युवक को पटक कर मार डाला है। ये खबर सुनते है ग्रामीण काफी नाराज हो गए। उन्होंने पहले सरहरी-प्रतापपुर मार्ग को जाम कर दिया। वन विभाग के रेंजर गांव पहुंचे तो वहां मौजूद महिलाओं ने रेंजर की कॉलर पकड़ ली और उनके साथ गाली-गलौज भी की है। बताया गया कि ये बवाल काफी देर तक चलता रहा। जिसके बाद मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने करीब 4 घंटे बाद इस हंगामे को शांत कराया है। मामला जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक,मंगलवार की रात 11 बजे में ग्राम प्रहरी के पथरापारा निवासी नारायण पिता रामचंद्र (35) काम कर साइकिल से अपने घर लौट रहा था। इसी बीच गांव के ही देवलाल के घर के पास बाहरा देव हाथी से उसका सामना हो गया। हाथी को देख वो हड़बड़ा गया। वो कुछ कर पाता इससे पहले ही हाथी ने उसे सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस बात की सूचना परिजनों और गांव वालों को बुधवार सुबह 6 बजे लगी। ग्रामीणों ने देखा कि उसका शव सड़क किनारे पड़ी हुई है। रामचंद्र की लाश देख ग्रामीण नाराज हो गए, धीर-धीर गांव के लोग वहीं जमा हो गए और वन विभाग की टीम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इतना ही नहीं उन्होंने सरहरी-प्रतापपुर मार्ग को जाम कर दिया।

इधर, जब वन विभाग की टीम को इस बात का पता चला तब करीब 9 बजे सुबह रेंजर कमलेश राय अपने अमले के साथ मौके पर पहुंचे। रेंजर को देख ग्रामीण और नाराज हो गए। महिलाओं ने रेंजर की कॉलर पकड़ ली। इसके अलावा उनके साथ गाली-गलौज और झूमाझटकी भी की गई है। विवाद बढ़ता देख आस-पास के लोगों ने ही महिलाओं को शांत कराया। पर ग्रामीण लगातार वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

ग्रामीण मृतक के घर के सदस्य को नौकरी और मुआवजा की मांग भी करते रहे। वहीं ग्रामीणों ने रेंजर और एसडीओ को सस्पेंड करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बारादेव हाथी को कॉलर आईडी लगाया गया है। लेकिन लोकेशन गांव वालों को नहीं बताई जाती है, ग्रामीणों का आरोप है कि वन अमला भी क्षेत्र में भ्रमण नहीं करता। यह सब अधिकारियों की भारी लापरवाही है। अगर गांव में हाथी के पहुंचने की सूचना पहले से दे दी होती तो यह घटना नहीं होती।

ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के हमले से पिछले 1 महीने के दौरान 4 लोगों की मौत हो चुकी है। इसका कारण सिर्फ और सिर्फ वन विभाग की लापरवाही ही है। इस दौरान ग्रामीण काफी देर तक हंगाम करते रहे। ग्रामीणों की नाराजगी की सूचना मिलते ही डीएफओ भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने ग्रामीणों से इस मामले में जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

10 दिन पहले भी जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में भी इसी तरह की घटना हुई थी। उस दौरान ददुरापारा निवासी वीरसाय कंवर (40) सुबह 6 बजे अपने खेत में धान की फसल देखना गया था। उसी दौरान कुछ हाथी जंगल की तरफ से आए, वीरसाय कुछ कर पाता इसके पहले ही हाथियों ने वीरसाय को उठाकर पटका दिया था। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना की भी खबर लगते ही ग्रामीण काफी नाराज हो गए थे। ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर हाथियों के मूवमेंट की जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया था। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया था।

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