
नईदिल्ली: अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाले वेदांता ग्रुप ने इस साल कमाई के मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा ग्रुप और टाटा ग्रुप को पीछे छोड़ दिया है। ग्रुप की कंपनियों में वेदांता लिमिटेड और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड शामिल हैं। चालू फाइनेंशियल ईयर में वेदांता ग्रुप के निवेशकों की वेल्थ में काफी इजाफा हुआ है। इस दौरान दोनों कंपनियों का कंबाइंड मार्केट कैप 2.2 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया है। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 28 मार्च से 20 जून के बीच वेदांता समूह के कुल बाजार पूंजीकरण में 2.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा ग्रुप और टाटा ग्रुप जैसे देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों के मुकाबले कहीं ज्यादा है। ‘मेटल किंग’ के नाम से मशहूर अनिल अग्रवाल की जन्म पटना में एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, वेदांता लिमिटेड और हिंदुस्तान जिंक के शेयरों के भाव अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर से लगभग दोगुने हो गए हैं। इस दौरान गौतम अडानी की अगुवाई वाले अडानी ग्रुप और महिंद्रा ग्रुप के मार्केट कैप में 1.4 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि देखी गई। इसी तरह देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप का बाजार पूंजीकरण 60,600 करोड़ रुपये से अधिक बढ़ा जबकि एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार मूल्यांकन में 20,656.14 करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई।