
बलरामपुर। अंबिकापुर -रामानुजगंज-गढ़वा राष्ट्रीय राजमार्ग 343 में अंबिकापुर से लेकर रामानुजगंज तक पांच स्थलों में अंडरपास बनाया जाएगा।वन्य प्राणी एवं हाथी के आने- जाने की स्थिति में यह व्यवस्था रहेगी। ताकि वन्यप्राणी राष्ट्रीय राजमार्ग पर न् आ सकें। अंडरपास बनाने के लिए स्थल का निरीक्षण राष्ट्रीय राजमार्ग व वन विभाग के अधिकारियों ने पूरा कर लिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 343 के सड़क को पार कर वन्य प्राणी एवं हाथी आना-जाना करते हैं ऐसे में जहां-जहां से वन्य प्राणी एवं हाथी आना-जाना करते हैं ऐसे स्थलों का निरीक्षण मंगलवार को किया गया।चाची से पस्ता के बीच दो स्थल एवं पस्ता से सेमरसोत के बीच दो स्थल तथा औराझरिया के पास एक स्थल का चयन किया गया जहां से हाथी एवं वन्य प्राणी आना-जाना करते हैं।यहां पर अंडर पास बनाया जाएगा जहां से आसानी से हाथी एवं अन्य वन्य जीव आना जाना कर सके। इस दौरान वन संरक्षक वन्य प्राणी केआर बढई, एलिफेंट रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर एसके नेटी एवं डीएफओ विवेकानंद झा सहित राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी उपस्थित रहे। वन विभाग के अधिकारी एवं राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों के द्वारा पांचो स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। नक्शे से वर्तमान सड़क का मिलान करने के साथ भविष्य में होने वाले निर्माण को लेकर चर्चा की गई। अंबिकापुर-रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग के नवनिर्माण के लिए वन भूमि सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। अभी फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण निविदा प्रक्रिया भी पूर्ण नहीं हो सकी है। फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल जाने की प्रत्याशा में राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व निविदा जारी की जा चुकी है लेकिन उसके पहले ही सारी प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है ताकि वन भूमि का रोड़ा समाप्त होने की स्थिति में तत्काल सड़क को ठेका कंपनी को सौंपा जा सके और निर्माण कार्य में किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो। मुख्य सड़क के पुल के समान नीचे से आने-जाने के लिए जो रास्ता बनता है उसे अंडरपास कहते हैं। वन्यप्राणी विचरण क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्ग में अंडरपास इसलिए बनाया जा रहा है ताकि वन्य जीव एवं हाथी आना-जाना कर सके। उनका राष्ट्रीय राजमार्ग में विचरण न् हो। वन्य जीव एवं हाथी निर्बाध रूप से यहां से आना-जाना कर सकेंगे। मुख्य सड़क से आने जाने वाले लोगों को परेशानी भी नहीं होगी एवं वन्य जीव भी सुरक्षित रहेंगे।






















