
अकलतरा। अघोर विद्यापीठ पोड़ीदलहा में जीवन कौशल और जीने का सबसे अच्छा तरीका विषय पर एक दिवसीय सेमिनार हुआ। इसमें संस्था के व्यवस्थापक गोपाल राम व प्राचार्या अंजली दुबे मौजूद रहीं। कार्यक्रम में सीबीएसई प्रशिक्षक के रूप में नीलम सिंह व मनीषा फ्रांसिस के द्वारा जांजगीर-चाम्पा जिले के सीबीएसई शिक्षक-शिक्षिकाओं को जीवन कौशल विषय पर प्रशिक्षण दिया गया।
नीलम सिंह द्वारा प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए जीवन कौशल के नियमों और सिद्धांतों को बताया गया। उन्होंने जीवन कौशल की पद्धतियों को सीखने के परिणाम के संबंध में जानकारी दी। भविष्य में प्रशिक्षण में सिखाने के समय आने वाली कठिनाइयों व उसका हल बताया। कहा कि शिक्षण का उद्देश्य परिणाम में निहित होता है। मनीषा फ्रांसिस द्वारा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जीवन कौशल की परिणाम व जीवन कौशल की उपयोगिता को समझाया। इन गतिविधियों में आए हुए प्रशिक्षुक शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा पूर्ण कराया गया। कार्यक्रम को चार सत्रों में विभाजित कर प्रथम सत्र में जीवन कौशल पर परिपेक्ष निर्माण विषय पर परिचय गतिविधि शिक्षकों से बातचीत, द्वितीय सत्र में जीवन कौशल का संचालन करना, तृतीय सत्र में गतिविधियों के माध्यम से जीवन कौशल से परिचित होना व चतुर्थ सत्र में जीवन कौशल का आकलन आयोजित हुआ।












