अनशन के बाद भर्ती भाकपा नेता ने खोली चिकित्सालय की पोल

कोरबा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा जिले की जन समस्याओं को लेकर 16 फरवरी से शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के तीसरे दिवस तक जिला प्रशासन द्वारा कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाए जाने को लेकर भाकपा जिला सचिव कॉ. पवन कुमार वर्मा ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि शासन-प्रशासन ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर व्याप्त जन समस्याओं के समाधान के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठाते हुए इस हेतु उठाए गए आंदोलनात्मक स्वर को ही दबाने का कार्य किया है।
आंदोलनरत कॉ. वर्मा के तेजी से गिर रहे स्वास्थ्य के मद्देनजर डॉक्टरों द्वारा किए गए स्वास्थ्य परीक्षण के बाद पुलिस ने उन्हें आंदोलन स्थल से बलपूर्वक उठाकर चिकित्सालय महाविद्यालय से संबद्ध चिकित्सालय में भर्ती करा दिया था।
चिकित्सालय में मौजूद सफाई संबंधी अव्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा है कि यहां व्यवस्था के नाम पर कुछ भी ठीक नहीं है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से छिन्न-भिन्न स्थिति में है। यहां मौजूद एक ही टॉयलेट में बीमार महिला-पुरुष दोनों ही जाते हैं, जो किसी भी तरह से उचित नहीं है। और तो और, मरीज़ को जिस बर्तन में नाश्ता अथवा भोजन दिया जाता है उस बर्तन को मरीज़ स्वयं ही टॉयलेट में ले जाकर साफ करता है। यहां भर्ती मरीजों को नियमित रूप से बैडशीट भी नहीं मिलता है। यही नहीं, पेयजल के लिए मरीज के परिजनों को चिकित्सालय के मुख्य द्वार तक जाना पड़ता है। यह भी देखा गया है कि शुगर चेक करने के दौरान डिटॉल से ऊंगली साफ किए बगैर ही नर्स पंच करती है। मरीजों के बेड के पास बैठने के लिए स्टूल भी मौजूद नहीं है।
कॉ. वर्मा ने इन विषम स्थिति-परिस्थिति को रेखांकित करते हुए अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि वे समय रहते उपरोक्त सभी बिंदुओं पर संज्ञान लेते हुए त्वरित रूप से आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की कोरबा जिला इकाई इन जन समस्याओं को लेकर शीघ्र ही एक बड़े आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगी।

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