
बिश्रामपुर। जयनगर निवासी गौतम सिंह एवं उसके परिजनों के सात ट्रकों को अनुबंध कर चलाने के नाम पर करीब ढाई वर्ष पूर्व रायपुर ले जाने और बाद में निर्धारित रकम देने में टालमटोल करने के साथ ही वाहनों को गायब कर देने के मामले में जयनगर पुलिस ने जांच प्रारंभ कर दी है। पीडि़त वाहन मालिक ने आरोपितों द्वारा दो करोड़ रुपये से अधिक राशि का भुगतान नही करने की शिकायत दर्ज करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
ग्राम जयनगर निवासी गौतम सिंह पिता राम प्रवेश सिंह ने उक्त आशय की शिकायत थाना प्रभारी जयनगर समेत आईजी एवं एसपी से की है। शिकायत में बताया है कि 23 में 2021 को उसकी 14 चक्का ट्रकों को किराए पर लेने के लिए सौदा तय करने रायपुर निवासी सलीम कुरैशी के पुत्र वारिस कुरेशी उर्फ सानू, रफीक कुरैशी एवं आफताब कुरेशी आए थे। उन्होंने कहा था कि हमें कोयला कबाड़ और सीमेंट परिवहन के लिए आपकी सातों ट्रक किराए पर लेना है। पूर्व परिचित होने के कारण उसने स्वयं समेत पत्नी, पिता एवं बहन के नाम की सातों 14 चक्कों वाली ट्रकों को किराए पर देने का सौदा उक्त लोगो से कर लिया था। निर्धारित किया गया था कि प्रतिमाह प्रत्येक ट्रक के एवज में वे उन्हें 1.20 लाख रुपये प्रति ट्रक भुगतान करेंगे। सौदा तय होने के बाद उन्होंने उसे सुरक्षा धन के एवज में तीन लाख रुपये उसे दिए थे। उसके बाद और 50 हजार रुपये दिए थे।
उसके बाद दो दिन में उनके चालक सातों ट्रकों को रायपुर ले गए। वाहनों को ले जाने के बाद सौदा करने वाले उक्त लोगो ने निर्धारित रकम की मांग करने पर उसे धमकाने लगे। उसी बीच उसे मालूम चला कि उसकी पत्नी के नाम वाली ट्रक क्रमांक सीजी 15 डीसी 6635 को बीजापुर पुलिस ने गौ तस्करी के मामले में जप्त कर लिया है। उसके बाद उसे उसकी बहन के नाम वाली एक अन्य ट्रक के भी धमतरी पुलिस द्वारा गौ तस्करी में बरामद किए जाने की जानकारी मिली। जिसे उसने न्यायालय से छुड़वाया। उसने ट्रक को लाने की कोशिश की, तो रफीक व शानू ने धमकाकर ट्रक को उससे लूट लिया था। उसने सिलतरा रायपुर में घटना की शिकायत करने की कोशिश भी की गई, लेकिन उन्होंने धमका कर उसे भगा दिया। विगत 23 जुलाई को निर्धारित रकम मांगने वह आरोपितों के रायपुर स्थित घर भी गया, तो वहां भी उसके जान से मार देने की धमकी देते हुए भगा दिया गया। ग्लानि वश उसने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या करने की भी कोशिश की थी, लेकिन वह बाल बाल बच गया था। उसकी ट्रकों को भी गायब कर दिया गया है। आरोपित न तो वाहनों को वापस कर रहे हैं और न ही दो करोड़ रुपये से अधिक बकाया राशि का भुगतान कर रहे है। शिकायत पर जयनगर पुलिस से जांच प्रारंभ कर दी है। उक्त आशय की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत की जांच की जा रही है। जांच में मिलने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।






























