
अयोध्या, 1७ अप्रैल । रामनवमी का त्योहार पूरे देश में सम्पूर्ण भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। भगवान राम की नगरी अयोध्या में तो अलग ही उल्लास है। सुबह से भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं। हर कोई राम लला की एक झलक पाने और उनके दर्शन को आतुर है। सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। इसी तरह देश के प्रमुख मंदिरों में साज-सज्जा की गई है और विशेष अनुष्ठान किए गए हैं। राम नवमी के अवसर पर अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला का दिव्य अभिषेक किया गया। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने एक्स पोस्ट पर इसकी जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को रामनवमी की बधाई दी। पीएम मोदी ने अपने एक्स हेंडल पर लिखा, देशभर के मेरे परिवारजनों को भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी की अनंत शुभकामनाएं! इस पावन अवसर पर मेरा मन भावविभोर और कृतार्थ है। ये श्रीराम की परम कृपा है कि इसी वर्ष अपने कोटि-कोटि देशवासियों के साथ मैं अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा का साक्षी बना। अवधपुरी के उस क्षण की स्मृतियां अब भी उसी ऊर्जा से मेरे मन में स्पंदित होती हैं।यह पहली रामनवमी है, जब अयोध्या के भव्य और दिव्य राम मंदिर में हमारे राम लला विराजमान हो चुके हैं। रामनवमी के इस उत्सव में आज अयोध्या एक अप्रतिम आनंद में है। 5 शताब्दियों की प्रतीक्षा के बाद आज हमें ये रामनवमी अयोध्या में इस तरह मनाने का सौभाग्य मिला है। यह देशवासियों की इतने वर्षों की कठिन तपस्या, त्याग और बलिदान का सुफल है। प्रभु श्रीराम भारतीय जनमानस के रोम-रोम में रचे-बसे हैं, अंतर्मन में समाहित हैं। भव्य राम मंदिर की प्रथम रामनवमी का यह अवसर उन असंख्य राम भक्तों और संत-महात्माओं को स्मरण और नमन करने का भी है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राम मंदिर के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। मुझे पूर्ण विश्वास है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन और उनके आदर्श विकसित भारत के निर्माण के सशक्त आधार बनेंगे। उनका आशीर्वाद आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। प्रभु श्रीराम के चरणों में कोटि-कोटि नमन और वंदन! रामनवमी के अवसर पर सूरत के मंदिरों में भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। इस बार की रामनवमी बहुत विशेष है। 500 साल में यह पहला मौका है जब ्अयोध्या में राम लला विराजे हैं और राम मंदिर में रामनवमी बनाई जा रही है। बुधवार को चंद्रमा कर्क राशि में होंगे, जिससे कर्क लग्न बन रहा है। रामलला के जन्म के समय ग्रहाधिपति सूर्य दशम भाव में विराजमान होने के साथ उच्च राशि में थे। रामनवमी के दिन सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में होने के साथ दशम भाव में मौजूद रहेंगे। गजकेसरी योग बन रहा है। भगवान श्री राम के जन्म के समय गजकेसरी योग भी था।

























