अवैध गतिविधियों में संलिप्त प्रधान आरक्षक को एसपी ने किया सस्पेंड

सक्ती। एसपी अंकिता शर्मा ने प्रधान आरक्षक अश्वनी जायसवाल को निलंबित किया है। प्रधान आरक्षकं पर अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों को संरक्षण देने का आरोप है। वर्तमान में प्रधान आरक्षक मालखरौदा थाना में पदस्थ है। इससे पहले प्रधान आरक्षक को गांजा तस्करों से पैसा लेने के आरोप में निलंबित किया गया था।
एसपी ने सक्ती एसडीओपी मनीष कुंवर को मामले की प्राथमिक जांच कर 7 दिन में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। एसपी कार्यालय से जारी आदेश मे कहा गया है कि मालखरौदा थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक 40 अश्वनी जायसवाल द्वारा थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में संलग्न व्यक्तियों को अपने व्यक्तिगत स्वार्थ की पूर्ति के उद्देश्य से संरक्षण दिए जाने की निरंतर शिकायत प्राप्त हो रही है। पूर्व मे भी प्रधान आरक्षक के विरूद्ध इस प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधान आरक्षक का आचरण संदिग्ध और अपने पदीय गरिमा के विपरीत है। 18 सितंबर को प्राप्त शिकायत के आधार पर प्रधान आरक्षक 40 अश्वनी जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केन्द्र सक्ती सम्बद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में प्रधान आरक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। गौरतलब है कि प्रधान आरक्षक अश्वनी जायसवाल को ऐसे ही एक मामले मे एसपी ने निलंबित किया था। मार्च 2020 में बिर्रा थाना में आरक्षक के पद पर पदस्थ रहते हुए गांजा तस्करों से मोटी रकम लेकर छोडऩे का आरोप लगा था। समाचार पत्रों मे खबर प्रकाशित होने के बाद एसपी ने मामले की जांच कराई। जिसके बाद आरोप सही पाने पर आरक्षक को निलंबित किया गया था। चोरी का आरोप लगाकर प्रधान आरक्षक पर युवक को बेरहमी से पिटाई करने का भी आरोप उस पर लगा था। इससे पहले भी एक शिकायत में प्रधान आरक्षक पर संदेही को बुलाकर पिटाई करने का आरोप लग चुका है। मालखरौदा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पोता निवासी महेंद्र कुमार सारथी ने प्रधान आरक्षक अश्वनी जायसवाल पर उसके भाई चांद कुमार सारथी से मारपीट करने का आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी को आवेदन दिया था।

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